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रेलवे में गार्ड अब ट्रेन प्रबंधक कहलाए जाएँगे पर वेतन व कार्य में परिवर्तन नहीं होगा

एक आधिकारिक आदेश में कहा गया कि ट्रेन के गार्ड्स को अब ट्रेन प्रबंधक कहा जाएगा लेकिन उनके कार्य के तौर-तरीके और वेतन श्रेणी पहले की तरह ही रहेगा।

अधिकारियों ने कहा कि रेल कर्मचारी संघों की लंबे समय से मांग है कि ट्रेन के सुरक्षित संचालन के प्रभारी गार्डों के पदनाम में परिवर्तन किया जाए।

रेलवे बोर्ड ने आदेश में गार्डों को ट्रेन प्रबंधक के रूप में फिर से नामित करने के निर्देश जारी किया है। सहायक गार्ड को सहायक यात्री ट्रेन प्रबंधक और वरिष्ठ यात्री गार्ड को वरिष्ठ यात्री ट्रेन प्रबंधक के रूप में पुनः नामित किया गया है।

रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष के पद को सीईओ का पदनाम देने के बाद रेलवे ने एक कॉरपोरेट छवि के रूप में परिवर्तन के लिए नया स्वरूप अपनाया है।

अधिकारियों ने कहा कि रेलवे निजी कंपनियों को ट्रेनों के संचालन की अनुमति देने की योजना बना रहा है। नामकरण में ये बदलाव स्वाभाविक हैं और रेलवे के आधुनिकीकरण के अनुरूप हैं। अधिकारियों ने यह भी कहा कि मांग यह थी कि वर्तमान पदनाम ट्रेन गार्ड पुराना हो गया है।

एक अधिकारी ने कहा, “ट्रेनों के गार्ड अपनी-अपनी ट्रेनों के प्रभारी होते हैं। इस वजह से यह काफी उपयुक्त होगा कि ट्रेन गार्ड के मौजूदा पदनाम को ट्रेन प्रबंधक में परिवर्तित किया जाए, जो बिना किसी वित्तीय प्रभाव के उनके लिए एक सम्मानजनक पदनाम होगा, ताकि वे समाज में एक सम्मानजनक जीवन जी सकें।”