समाचार
हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर निर्माण में तेज़ी के लिए रेलवे का प्रति माह 50 खंभे बनाने का लक्ष्य

भारतीय रेलवे हर महीने 50 खंभे बनाने के निर्धारित लक्ष्य के साथ देश के पहले हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के निर्माण में तेजी लाई है।

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया, “हाई स्पीड रेल एक जटिल परियोजना है। इसके लिए समझने की आवश्यकता है कि जैसे-जैसे वेग बढ़ता है, चीजें जबरदस्त रूप से परिवर्तित होती हैं। अब तक किए गए प्रयासों में महत्वपूर्ण बिंदु 300 से 350 किमी प्रति घंटे की गति के लिए भारतीय परिस्थितियों के अनुसार गलियारे का डिज़ाइन है, जिसमें मौसम, जलवायु और मिट्टी की स्थिति सम्मिलित है।”

उन्होंने कहा, “इन सबको ध्यान में रखते हुए डिज़ाइन तैयार किया गया है। खंभों का निर्माण किया जा रहा है। नवंबर से औसतन हर महीने 50 खंभे बनाए जाएँगे।”

यह गौर किया जाना चाहिए कि हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के सभी खंभों के लिए कोई मानक डिज़ाइन नहीं है। प्रत्येक खंभों को मिट्टी की स्थिति के आधार पर एक अद्वितीय डिज़ाइन की आवश्यकता होती है। वर्तमान में उस स्थल का मृदा परीक्षण होता है, जहाँ खंभों का निर्माण होना है और उनकी डिज़ाइनिंग की जाती है।

गुजरात और दादरा व नगर हवेली में परियोजना के लिए 97 प्रतिशत से अधिक और महाराष्ट्र में 30 प्रतिशत भूमि का अधिग्रहण हो चुका है। महाराष्ट्र में धीमी प्रगति को लेकर मंत्री ने काम में तेज़ी लाने की अपेक्षा की है।

द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, मंत्री ने कहा, “हमें महाराष्ट्र में भूमि अवश्य मिलेगी। हमारा संघीय ढांचा है, हम चीज़ों को थोप नहीं सकते। गुजरात में खंभों के निर्माण ने महाराष्ट्र में नई ऊर्जा का संचार किया है। वहाँ भी काम शीघ्र शुरू होगा।”

एक अधिकारी ने कहा, “मंत्री नियमित निगरानी कर रहे हैं। रेल राज्य मंत्री दर्शन जरदोश ने इस सप्ताह की शुरुआत में सूरत में चल रहे काम की समीक्षा की। भूमि अधिग्रहण शीघ्र पूरा होगा। 50 पियर्स पहले ही बनाए जा चुके हैं।”