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ईडी कर रही चीनी सट्टेबाजी ऐप में पैसे भेजने पर भारतीय भुगतान गेटवे कंपनियों की जाँच

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत कई भारतीय भुगतान गेटवे कंपनियों की जाँच कर रहा है, जिन्होंने कथित तौर पर भारतीय ग्राहकों को चीनी सट्टेबाजी ऐप में रुपये स्थानांतरित करने की अनुमति दी थी।

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, जाँच में पता चला कि कई भारतीय चीनी ऐप पर बाजी लगा रहे थे और कम टैक्स लगाने वाले केमैन आइलैंड्स में रुपये स्थानांतरित कर दिए गए थे।

यह गौर किया जाना चाहिए कि भारतीयों द्वारा किसी भी ऐप या वॉलेट में किया गया भुगतान गेटवे के माध्यम से किया जाना चाहिए।

रिपोर्ट के मुताबिक, यह पहली बार होगा, जब पेमेंट गेटवे कंपनियाँ पीएमएलए कानून के विरुद्ध ईडी की जाँच का सामना कर रही हैं, जिसे 2002 में लागू किया गया था। जाँच अधिकारियों ने कथित तौर पर पाया कि इन कंपनियों ने स्पष्ट रूप से चीनी ऐप में प्रवेश किया और पर्याप्त सावधानी के बिना प्रसंस्करण की अनुमति दी।

ईडी के जाँचकर्ता अब तक इस संबंध में कई भुगतान कंपनियों जैसे कैशफ्री, पेटीएम, बिल डेस्क और इंफीबीम एवेन्यूज की छानबीन कर चुके हैं।

हालाँकि, ईटी ने इस घटनाक्रम से परिचित लोगों के हवाले से कहा कि एजेंसी ने पाया कि इन फर्मों ने इस तरह के लेन-देन की अनुमति नहीं दी थी या ऐसे मामलों में जहाँ उनमें से कुछ ने उन्हें अनुमति दी थी, यह संख्या एक या दो लेन-देन तक सीमित थी।

फिलहाल अभी जाँच एजेंसी चीनी सट्टेबाजी ऐप मामले में बेंगलुरु स्थित एक बड़ी कंपनी रेज़रपे की भूमिका की जाँच कर रही है। जांचकर्ताओं ने कंपनी से सवाल किया कि उसने भारतीयों को चीनी ऐप पर दांव लगाने की अनुमति कैसे दी।