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भारतीय नौसेना को पहला पी15बी स्टील्थ दिशानिर्देशित-मिसाइल विध्वंसक प्राप्त हुआ

एक आधिकारिक बयान में शनिवार (30 नवंबर) को कहा गया कि नौसेना ने गुरुवार को मझगाँव डॉक शिपबिल्डर्स से अपना पहला पी15बी स्टील्थ दिशानिर्देशित-मिसाइल विध्वंसक प्राप्त किया।

विशाखापत्तनम नाम के इस जहाज का निर्माण और वितरण स्वदेशी युद्धपोत निर्माण कार्यक्रमों को देखते हुए सरकार और नौसेना के लिए एक मील का पत्थर है।

एक निर्देशित-मिसाइल विध्वंसक में अपने डेक से ही विमानरोधी मिसाइलों को लॉन्च करने की क्षमता होती है।

भारतीय नौसेना ने ट्विटर पर कहा, “विशाखापत्तनम- मुंबई के मझगांव डॉक द्वारा तैयार किए गए स्वदेशी पी15बी स्टील्थ दिशानिर्देशित-मिसाइल विध्वंसक में से पहला 28 अक्टूबर 2021 को भारतीय नौसेना को सौंपा गया।”

आगे कहा गया, “विध्वंसक को सम्मिलित करने से ना केवल भारतीय नौसेना की युद्ध की तैयारी में वृद्धि होगी बल्कि आत्मानिर्भर भारत के लिए हमारी खोज की दिशा में एक बड़ी छलांग होगी।”

ध्यान देने वाली बात है कि प्रोजेक्ट 15बी, जो कि विशाखापत्तनम श्रेणी के जहाजों के रूप में जाना जाता है, के चार पोतों के लिए अनुबंध 28 जनवरी 2011 को हस्ताक्षर किए गए थे। यह परियोजना गत दशक में शुरू किए गए कोलकाता वर्ग (प्रोजेक्ट 15ए) विध्वंसक का अनुवर्ती है।

रक्षा मंत्रालय के बयान के अनुसार, 163 मीटर लंबे युद्धपोत में 7400 टन का पूर्ण भार विस्थापन और 30 समुद्री मील की अधिकतम गति है। परियोजना की कुल स्वदेशी सामग्री लगभग 75 प्रतिशत है। इसमें प्रमुख स्वदेशी हथियारों से भी सुसज्जित किया गया है।

  • मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल (बीईएल, बंगलुरु)।
  • ब्रह्मोस सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलें (ब्रह्मोस एयरोस्पेस, नई दिल्ली)।
  • स्वदेशी टॉरपीडो ट्यूब लॉन्चर (लार्सन एंड टुब्रो, मुंबई)।
  • पनडुब्बी रोधी स्वदेशी रॉकेट लांचर (लार्सन एंड टुब्रो, मुंबई)।
  • 76 मिमी सुपर रैपिड गन माउंट (भेल, हरिद्वार)।