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एफसीआरए लाइसेंस समाप्त होने वाले 6,000 संस्थाओं में जामिया मिलिया इस्लामिया भी

आईआईटी दिल्ली, जामिया मिलिया इस्लामिया, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और नेहरू मेमोरियल म्यूजियम एंड लाइब्रेरी उन लगभग 6,000 संस्थाओं में सम्मिलित हैं, जिनका शनिवार को एफसीआरए पंजीकरण बंद हो गया।

अधिकारियों का कहना है कि इन संस्थाओं ने अपने एफसीआरए लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए आवेदन नहीं किया या केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उनके आवेदनों को खारिज कर दिया।

विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम से संबंधित आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, जिन संगठनों और संस्थाओं का एफसीआरए के तहत पंजीकरण या वैधता समाप्त हो गई, उनमें इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र, भारतीय लोक प्रशासन संस्थान, लाल बहादुर शास्त्री मेमोरियल फाउंडेशन, लेडी श्रीराम कॉलेज फॉर विमेन, दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग और ऑक्सफैम इंडिया सम्मिलित हैं।

एफसीआरए के तहत पंजीकृत गैर सरकारी संगठनों और सहयोगियों की गतिविधियों को नियंत्रित करने वाले केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि अधिनियम के तहत पंजीकरण शनिवार (1 जनवरी) को समाप्त माना है।

विदेशी फंडिंग प्राप्त करने हेतु किसी भी एसोसिएशन और एनजीओ के लिए एफसीआरए पंजीकरण अनिवार्य है। शुक्रवार तक 22,762 एफसीआरए-पंजीकृत एनजीओ थे। शनिवार को यह घटकर 16,829 हो गए क्योंकि 5,933 ने काम करना बंद कर दिया था।

जिन संगठनों का एफसीआरए पंजीकरण बंद हो गया, उनमें मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया, इमैनुएल हॉस्पिटल एसोसिएशन- जो पूरे भारत में एक दर्जन से अधिक अस्पताल चलाता है- ट्यूबरकोलोसिस एसोसिएशन ऑफ इंडिया, विश्व धर्मायतन, महर्षि आयुर्वेद प्रतिष्ठान, नेशनल फेडरेशन ऑफ फिशरमेन कोऑपरेटिव्स लिमिटेड हैं।

इसके अतिरिक्त, हमदर्द एजुकेशन सोसाइटी, दिल्ली स्कूल ऑफ सोशल वर्क सोसाइटी, भारतीय संस्कृति परिषद, डीएवी कॉलेज ट्रस्ट एंड मैनेजमेंट सोसाइटी, इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर, गोदरेज मेमोरियल ट्रस्ट, दिल्ली पब्लिक स्कूल सोसाइटी, जेएनयू में न्यूक्लियर साइंस सेंटर, इंडिया हैबिटेट सेंटर, लेडी श्री राम कॉलेज फॉर विमेन, दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग और अखिल भारतीय मारवाड़ी युवा मंच भी इन संस्थाओं में सम्मिलित हैं।