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100 से अधिक सशस्त्र आत्मघाती ड्रोन ‘स्काईस्ट्राइकर’ खरीदने का सेना ने दिया आदेश

भारतीय सेना की क्षमताओं में बड़ी वृद्धि करने के लिए सेना ने इज़रायल की एल्बीट सुरक्षा प्रणाली (ईएलएसईसी) के साथ बेंगलुरु स्थित मुख्यालय अल्फा डिज़ाइन के नेतृत्व वाले संयुक्त उपक्रम से ‘स्काईस्ट्राइकर’ नाम के 100 से अधिक सशस्त्र ड्रोन खरीदने के लिए एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए।

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इसकी खरीद केंद्र सरकार के मेक इन इंडिया और रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण को बढ़ावा देने के रूप में आएगी क्योंकि ड्रोन का निर्माण बेंगलुरु में किया जाएगा।

भारतीय सेना ने आपातकालीन खरीद शक्तियों के अंतर्गत उक्त ड्रोन की खरीद के आदेश दिए हैं और अनुबंध पर बुधवार (1 सितंबर) को हस्ताक्षर किए थे।

ईएलएसईसी वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, स्काईस्ट्राइकर एक किफायती घुमंतू युद्ध शस्त्र है, जो लंबी दूरी के सटीक सामरिक हमलों में सक्षम है। ड्रोन विशेष बलों और युद्धाभ्यास सैनिकों को प्रत्यक्ष अग्नि हवाई सटीक क्षमताओं का उपयोग करने की अनुमति देकर स्थितिजन्य जागरूकता, उत्तरजीविता और प्रदर्शन को बेहतर बनाता है।

स्काईस्ट्राइकर की विद्युत संचालन शक्ति बेहद कम ध्वनि प्रदान करती है, जिससे इसे कम ऊँचाई वाले क्षेत्र में भी गुप्त संचालन की अनुमति मिलती है। इसे आत्मघाती ड्रोन भी कहा जाता है क्योंकि यह विस्फोटकों के साथ लक्ष्य में दुर्घटनाग्रस्त हो जाता है।

अल्फा डिजाइन कर्नल (सेवानिवृत्त) के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक एचएस शंकर ने कहा, “लॉन्च से पहले स्थान विवरण (जीपीएस) ड्रोन पर लोड किया जाएगा। लॉन्च होने पर यह क्षेत्र के चारों ओर घूमेगा, लक्ष्य देखेगा, सूचना को वापस क्षेत्र नियंत्रण उपकरण तक पहुँचाएगा और स्वीकृति मिलने के बाद ही हमला करेगा।”