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भारतीय सेना ने पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर निगरानी हेतु नए हेरॉन ड्रोन तैनात किए- रिपोर्ट

उन्नत इज़राइली हेरॉन ड्रोन की आपूर्ति के साथ भारतीय सेना की निगरानी क्षमताओं को एक बड़ा बढ़ावा मिला है, जिन्हें पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में चीनी पीएलए की गतिविधियों पर नज़र रखने के लिए अपनी आपातकालीन वित्तीय शक्तियों के तहत सेना द्वारा खरीदा गया है।

ये ड्रोन कथित तौर पर वर्तमान अविष्कारों के रूप में मौजूद हेरॉन्स की तुलना में बहुत अधिक उन्नत हैं। इसके अतिरिक्त, उनकी एंटी-जैमिंग क्षमता भी पिछले संस्करणों की तुलना में काफी बेहतर बताई गई है।

एएनआई की रिपोर्ट में सरकार के एक वरिष्ठ सूत्र ने कहा, “उन्नत हेरॉन ड्रोन देश में आ गए हैं और पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में निगरानी कार्यों के लिए तैनात किए जा रहे हैं।”

इसके अनुसार, रक्षा बल अब अपनी युद्ध क्षमता में वृद्धि हेतु 500 करोड़ रुपये के उपकरण और सिस्टम खरीद सकते हैं।

इस प्रावधान का उपयोग करते हुए भारतीय नौसेना ने अमेरिकी कंपनी जनरल एटॉमिक्स से कुछ प्रेडेटर ड्रोन भी किराए पर लिए हैं। वहीं, वायुसेना ने कई लंबी दूरी की सटीक-निर्देशित हथियारों के गोले, टैंक-रोधी निर्देशित मिसाइलें, हैमर एयर टू ग्राउंड स्टैंडऑफ मिसाइलें अन्य उपकरणों के मध्य प्राप्त किए हैं।

रक्षा बल वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पार चीन के साथ जारी तनाव के मद्देनजर ड्रोन की खरीद के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं।