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रक्षा प्रौद्योगिकियों पर उद्योगों के सहयोग हेतु यूएस और भारत संयुक्त कार्य समूह बनाएँगे

भारत और अमेरिका अत्याधुनिक रक्षा प्रौद्योगिकियों पर उद्योगों को सहयोग करने की सुविधा देने के लिए नीतियों और प्रक्रियाओं को संरेखित करने हेतु एक संयुक्त कार्य समूह स्थापित करने पर सहमत हुए हैं।

भारत और अमेरिका के मध्य औद्योगिक सुरक्षा समझौता (आईएसए) शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों पक्ष संयुक्त कार्य समूह की स्थापना के लिए सहमत हुए। यह सम्मेलन 27 सितंबर से 1 अक्टूबर के बीच नई दिल्ली में आयोजित किया गया था।

रक्षा मंत्रालय की विज्ञप्ति के अनुसार, सम्मेलन का आयोजन दोनों देशों के रक्षा उद्योगों के मध्य वर्गीकृत सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए प्रोटोकॉल विकसित करने हेतु किया गया था।

मंत्रालय ने शुक्रवार (1 अक्टूबर) को जारी विज्ञप्ति में कहा कि शिखर सम्मेलन का नेतृत्व क्रमशः भारतीय और अमेरिकी पक्षों से नामित सुरक्षा प्राधिकरण (डीएसए) अनुराग बाजपेयी और डेविड पॉल बगनाती ने किया था।

मंत्रालय ने कहा कि दोनों देशों के रक्षा उद्योगों के मध्य वर्गीकृत सूचनाओं के आदान-प्रदान की सुविधा के लिए दिसंबर 2019 में आईएसए पर हस्ताक्षर किए गए थे। शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों पक्ष सैद्धांतिक तौर पर भारत-अमेरिका औद्योगिक सुरक्षा संयुक्त कार्य समूह की स्थापना पर सहमत हुए।

मंत्रालय ने कहा, “समूह नीतियों और प्रक्रियाओं को तेज़ी से संरेखित करने के लिए समय-समय पर बैठक करेगा, जो रक्षा उद्योगों को अत्याधुनिक रक्षा प्रौद्योगिकियों पर सहयोग करने की अनुमति देगा।”