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भारत व अमेरिका ने मानव रहित हवाई वाहन के विकास हेतु परियोजना समझौता किया

भारत और अमेरिका ने एयर लॉन्च किए गए मानव रहित हवाई वाहन (एएलयूएवी) के लिए एक परियोजना समझौते (पीए) पर हस्ताक्षर किए हैं।

रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार (3 सितंबर) को एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा कि 30 जुलाई को रक्षा प्रौद्योगिकी एवं व्यापार पहल (डीटीटीआई) में संयुक्त कार्य समूह वायु प्रणाली के तहत समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे।

एएलयूएवी के लिए समझौता रक्षा मंत्रालय और अमेरिकी रक्षा विभाग के बीच अनुसंधान, विकास, परीक्षण और मूल्यांकन (आरडीटीएंडई) समझौता ज्ञापन के अंतर्गत आता है। इसे सर्वप्रथम जनवरी 2006 में हस्ताक्षरित किया गया था और जनवरी 2015 में नवीनीकृत किया गया था।

मंत्रालय के अनुसार, समझौता रक्षा उपकरणों के सह-विकास के माध्यम से दोनों देशों के बीच रक्षा प्रौद्योगिकी सहयोग को गहरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

मंत्रालय ने कहा, “डीटीटीआई का मुख्य उद्देश्य सहयोगी प्रौद्योगिकी विनिमय को बढ़ावा देने के लिए निरंतर नेतृत्व पर ध्यान केंद्रित करना और भारतीय और अमेरिकी सैन्य बलों के लिए भविष्य की प्रौद्योगिकियों के सह-उत्पादन और सह-विकास के अवसर पैदा करना है।”

डीटीटीआई के तहत संबंधित कार्यक्षेत्र में परस्पर सहमत परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित करने हेतु भूमि, नौसेना, वायु और विमान वाहक प्रौद्योगिकियों पर संयुक्त कार्य समूहों की स्थापना की गई है।

एएलयूएवी के सह-विकास के लिए समझौते की निगरानी एयर सिस्टम पर संयुक्त कार्य समूह द्वारा की गई है और यह डीटीटीआई के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।

मंत्रालय ने कहा कि भारतीय व अमेरिकी वायु सेना के साथ समझौते के निष्पादन के लिए डीआरडीओ में वैमानिकी विकास प्रतिष्ठान (एडीई) और वायु सेना अनुसंधान प्रयोगशाला (एएफआरएल) में एयरोस्पेस सिस्टम निदेशालय प्रमुख संगठन हैं।