समाचार
भारत और यूके ने मुक्त व्यापार समझौते के पहले दौर की लाभकारी वार्ता संपन्न की

भारत और यूके ने दोनों सरकारों के अधिकारियों के मध्य आयोजित पारस्परिक मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के पहले दौर की लाभकारी वार्ता के समापन की घोषणा की।

अंतर-राष्ट्रीय व्यापार विभाग (डीआईटी) ने कहा कि दो सप्ताह की वार्ता के दौरान, जो इस माह की शुरुआत में यूके के व्यापार सचिव ऐनी-मैरी ट्रेवेलियन की यात्रा के बाद शुरू हुई, दोनों पक्षों के तकनीकी विशेषज्ञ 26 नीतिगत क्षेत्रों पर 32 अलग-अलग सत्रों में चर्चा के लिए एक साथ आए।

डीआईटी ने वार्ता के लिए वर्ष के अंत की समयसीमा दोहराते हुए कहा कि दोनों टीमें 2022 के अंत तक वार्ता समाप्त करने के लिए एक साझी महत्वाकांक्षा बनाए रखेंगी।

उसने आगे कहा, “वार्ता सफल थी। यह दुनिया में पाँचवीं और छठवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के मध्य व्यापार को बढ़ावा देने हेतु एक व्यापक सौदे को सुरक्षित करने के लिए हमारी साझी महत्वाकांक्षा दर्शाती है। पहले दौर की सकारात्मक चर्चाओं ने सकारात्मक और कुशल प्रगति हेतु यूके और भारत के लिए आधार तैयार किया है।”

इस दौरान नीतिगत क्षेत्रों में वित्तीय सेवाएँ एवं दूरसंचार, बौद्धिक संपदा, सीमा शुल्क व व्यापार सुविधा, स्वच्छता, प्रतिस्पर्धा, स्थिरता और पारदर्शिता जैसे क्षेत्र सम्मिलित हैं। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि कोविड महामारी की चुनौतियों के बावजूद पहला दौर आगे बढ़ सकता है। दूसरे दौर की वार्ता 7-18 मार्च को होनी है।

डीआईटी ने पहले ही कहा है कि यूके एक ऐसा समझौता चाहता है, जो भारत की 2 खरब पाउंड की अर्थव्यवस्था और 1.4 अरब उपभोक्ताओं के बाज़ार में व्यापार करने की बाधाओं को कम करे। इसमें ब्रिटिश निर्मित कारों और स्कॉच-व्हिस्की के निर्यात पर टैरिफ में कटौती सम्मिलित है।