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फाइबर उत्पादकता में सुधार हेतु भारतीय कपास परिषद् के गठन की घोषणा की गई

केंद्रीय कपड़ा मंत्री पीयूष गोयल ने कपड़ा मंत्रालय, कृषि मंत्रालय, वाणिज्य मंत्रालय, वित्त, वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय, भारतीय कपास निगम और कपास अनुसंधान संस्थान के प्रतिनिधित्व के साथ भारतीय कपास परिषद् के गठन की घोषणा की।

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, परिषद् समग्र रूप से फाइबर की उत्पादकता में सुधार के तरीकों पर ध्यान केंद्रित करेगा, जो कि गत कुछ वर्षों में घट गई है।

कपड़ा मंत्रालय की विज्ञप्ति के अनुसार, परिषद् का नेतृत्व एक प्रसिद्ध वयोवृद्ध सुरेश भाई कोटक करेंगे।

प्रस्तावित कपास परिषद् की पहली बैठक 28 मई को निर्धारित की गई है, जिसमें क्षेत्र में ठोस सुधार लाने के लिए चर्चा, विचार-विमर्श और एक मजबूत कार्य योजना तैयार की जाएगी।

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने यह घोषणा कपास मूल्य शृंखला के हितधारकों के साथ बैठक के दौरान की। बैठक में कपास और धागे के मूल्यों में तत्काल नरमी के लिए विचारों और सुझावों के एक विशेष अंश पर विचार-विमर्श किया गया, ताकि मौजूदा सीजन में अभूतपूर्व मूल्य वृद्धि पर ध्यान दिया जा सके।

बैठक में यह इंगित किया गया था कि कपास की उत्पादकता देश में सबसे बड़ी चुनौती है, जिसके परिणामस्वरूप कपास की खेती के तहत सबसे बड़े क्षेत्र के बावजूद कपास का उत्पादन कम होता है।

मंत्री ने कपास किसानों की उत्पादकता में सुधार के लिए बेहतर गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल दिया।

बैठक को संबोधित करते हुए गोयल ने सभी हितधारकों को एक स्पष्ट संदेश दिया कि सरकार को हस्तक्षेप करने के लिए दबाव डाले बिना प्रतिस्पर्धा और अत्यधिक हो रही मुनाफाखोरी की बजाए सहयोग की भावना से कपास और धागे की कीमत के मुद्दे को हल करें क्योंकि इससे कपास मूल्य शृंखला पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ सकता है।