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भारत अंतर-राष्ट्रीय दूरसंचार संघ परिषद् के लिए फिर से चुनाव लड़ेगा

भारत अंतर-राष्ट्रीय दूरसंचार संघ परिषद् के लिए फिर से चुनाव लड़ेगा। संयुक्त राष्ट्र निकाय अंतर-राष्ट्रीय दूरसंचार संघ (आईटीयू) सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकियों (आईसीटी) से संबंधित कई मामलों को देखता है।

2018 में भारत को 2019-2022 के कार्यकाल के लिए आईटीयू परिषद् के सदस्य के रूप में चुना गया था। भारत 1952 से 48 सदस्यीय आईटीयू परिषद् का नियमित सदस्य रहा है।

2018 में 165 मत प्राप्त करके भारत एशिया-ऑस्ट्रेलेशिया क्षेत्र से परिषद् के लिए चुने गए 13 देशों में तीसरे स्थान पर और वैश्विक स्तर पर परिषद् के लिए चुने गए 48 देशों में 8वें स्थान पर रहा था।

भारत अब 2023-2026 की अवधि के लिए परिषद् हेतु पुनः चुनाव में भाग लेगा।

स्विट्ज़रलैंड के जिनेवा में वर्ल्ड समिट ऑफ इंफॉर्मेशन सोसायटी (डब्ल्यूएसआईएस) 2022 के दौरान भारत के रेडियो रेग्युलेशन बोर्ड (आरआरबी) उम्मीदवार और भारत के अंतर-राष्ट्रीय दूरसंचार संघ परिषद् की उम्मीदवारी को फिर से आरंभ करने के लिए स्वागत समारोह में बोलते हुए केंद्रीय संचार राज्यमंत्री देवुसिंह चौहान ने कहा, “भारत विश्व को जुड़े हुए समाज के रूप में महसूस करने और सतत विकास लक्ष्यों को 2030 तक पूरा करने के लिए आईसीटी को सक्षम बनाने हेतु आईटीयू के सपने और दृष्टि को साझा करता है।”

आरआरबी सदस्य के लिए भारत के उम्मीदवार के रूप में एम रेवती का नाम प्रस्तावित करते हुए मंत्री ने कहा, “उनके पास समावेशी आईसीटी विकास के लिए पेशेवर विशेषज्ञता, नेतृत्व क्षमता, समयबद्ध कार्यों को पूरा करने की प्रतिबद्धता, व्यवस्थित समस्या-समाधान क्षमता और नियमों को तैयार करने का एक बेहतरीन ट्रैक रिकॉर्ड है।”

यह गौर किया जाना चाहिए कि आईटीयू पूर्णाधिकार सम्मेलन और प्रशासनिक परिषद् द्वारा शासित है। पूर्णाधिकार सम्मेलन संघ का सर्वोच्च अंग है। यह निर्णय लेने वाली संस्था है जो मंत्रालय के अनुसार संघ और उसकी गतिविधियों की दिशा निर्धारित करती है।