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भारत 5 वर्षों में इलेक्ट्रिक व्हीकल में 12.6 अरब डॉलर का निवेश आकर्षित करेगा- रिपोर्ट

कोलियर व इंडोस्पेस द्वारा जारी इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इन फुल गियर नाम की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत आगामी 5 वर्षों में ऑटोमोटिव वैल्यू चेन में 12.6 अरब डॉलर के निवेश का गवाह बनेगा।

भारतीय रियल एस्टेट क्षेत्र को अतिरिक्त विनिर्माण इकाइयों, औद्योगिक पार्कों और ई-कॉमर्स कंपनियों द्वारा अंतिम-मील वितरण पर ध्यान केंद्रित करने से संबंधित इन निवेशों से स्पष्ट रूप से लाभ होने की संभावना है।

इसे कई अन्य कारकों के साथ जोड़ा गया है जैसे कि सार्वजनिक परिवहन का विद्युतीकरण और पहली बार इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के खरीदारों को दिए जाने वाले कर लाभ और प्रोत्साहन।

तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के दक्षिणी राज्य इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए नियोजित निवेश के मामले में राज्यों की सूची में शीर्ष पर हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्हें कुल निवेश का क्रमश: 34 प्रतिशत और 12 प्रतिशत हिस्सा मिलेगा।

दि इकोनॉमिक टाइम्स ने कोलियर के वरिष्ठ कार्यकारी रमेश नायर के हवाले से कहा, “रियल एस्टेट कंपनियाँ ईवीएस के निर्माण, वेयरहाउसिंग, चार्जिंग स्टेशन और डीलरशिप के अवसरों का लाभ उठा सकती हैं। सरकार के पास 2030 तक 110 गीगावॉट ईवी बैटरी के निर्माण का लक्ष्य है। इस विकास से पूरे भारत में लगभग 1,300 एकड़ भूमि की विनिर्माण आवश्यकता हो सकती है।”