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अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में जहाज रोधी मिसाइलों ब्रह्मोस, यूरेन का सफल परीक्षण

भारतीय नौसेना ने आज (2 फरवरी) जानकारी दी कि भारत ने अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में दो जहाज-रोधी मिसाइलों ब्रह्मोस और यूरेन का सफलतापूर्वक परीक्षण किया।

मिसाइलों का परीक्षण अंडमान व निकोबार कमांड (एएनसी) द्वारा किया गया, जो भारतीय सशस्त्र बलों का एक त्रि-सेवा थिएटर कमांड है।

ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल को जहाँ अंडमान व निकोबार द्वीप समूह पर एक भूमि आधारित लॉन्चर से दागा गया। वहीं, यूरेन जहाज रोधी मिसाइल को भारतीय नौसेना के एक गाइडेड मिसाइल कार्वेट से लॉन्च किया गया। एएनसी ने कहा कि एक्सनेवल शिप एलसीयू 38 ने परीक्षण के लिए लक्ष्य के रूप में कार्य किया।

नौसेना ने ट्विटर पर कहा, “युद्धपोत द्वारा लॉन्च और भूमि आधारित एएसएचएम (जहाज रोधी मिसाइल) को भारतीय नौसेना की गाइडेड मिसाइल कार्वेट से दागा गया और एएनसी ने विध्वंसकारी प्रभाव के साथ अधिकतम सीमा पर लक्ष्य को निशाना बनाया।”

ब्रह्मोस मिसाइल का यह परीक्षण फिलीपींस द्वारा ब्रह्मोस एयरोस्पेस लिमिटेड के साथ अपनी भूमि-आधारित जहाज रोधी मिसाइल प्रणाली के लिए मिसाइलों की खरीद हेतु 37.5 करोड़ डॉलर के सौदे पर हस्ताक्षर करने के कुछ ही दिनों बाद हुआ है।

यह परीक्षण गत दो सप्ताह में ब्रह्मोस मिसाइल का दूसरा प्रक्षेपण भी था। भारत ने 20 जनवरी को ओडिशा के तट पर एकीकृत परीक्षण रेंज चांदीपुर से ब्रह्मोस मिसाइल का परीक्षण किया।

ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल के एयर-लॉन्च किए गए संस्करण का सु-30एमकेआई लड़ाकू विमान से 8 दिसंबर को सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया था। इससे इसे क्रमिक उत्पादन के लिए स्वीकृति मिल गई। ब्रह्मोस मिसाइल के एयर-लॉन्च किए गए संस्करण, जिसे ब्रह्मोस-ए भी कहा जाता है, को आईएएफ के सु-30एमकेआई लड़ाकू विमानों के साथ एकीकृत किया जा रहा है।

आईएएफ ने 2017 में पहली बार संशोधित सु-30 एमकेआई लड़ाकू विमान से ब्रह्मोस मिसाइल के एयर-लॉन्च संस्करण का परीक्षण किया था।