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डीआरडीओ ने सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया

भारतीय नौसेना की रक्षा क्षमताओं में वृद्धि हेतु रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने मंगलवार (7 दिसंबर) को कम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल का ऊर्ध्वाधर लॉन्च का सफल परीक्षण किया।

मिसाइल का ओडिशा के तट पर एकीकृत परीक्षण रेंज चांदीपुर से उड़ान परीक्षण किया गया था। प्रक्षेपण बहुत कम ऊँचाई पर एक इलेक्ट्रॉनिक लक्ष्य के विरुद्ध एक ऊर्ध्वाधर लॉन्चर से किया गया था।

रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को एक विज्ञप्ति में कहा, “आईटीआर, चांदीपुर द्वारा तैनात कई ट्रैकिंग उपकरणों का उपयोग करके अन्य आँकड़ों, मानदंडों के साथ वाहन के उड़ान पथ की निगरानी की गई। सभी उप-प्रणालियों ने अपेक्षा के अनुरूप प्रदर्शन किया।”

मंत्रालय के अनुसार, परीक्षण प्रक्षेपण की निगरानी डीआरडीओ और भारतीय नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने की।

मिसाइल का पहला परीक्षण 22 फरवरी 2021 को किया गया था और नवीनतम परीक्षण फायरिंग कॉन्फ़िगरेशन और एकीकृत संचालन के लगातार प्रदर्शन को साबित करने के लिए पुष्टिकरण परीक्षण था।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सफल उड़ान परीक्षण के लिए डीआरडीओ, भारतीय नौसेना और उद्योग को बधाई दी और कहा कि यह प्रणाली हवाई खतरों के विरुद्ध भारतीय नौसेना के जहाजों की रक्षा क्षमता को और अधिक बढ़ाएगी।