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इस्लामी सहयोगी संगठन के बयान की भारत ने की निंदा, “उनका एजेंडा विभाजनकारी है”

पैगंबर पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर इस्लामी सहयोगी संगठन (ओआईसी) के बयान की भारत ने कड़ी निंदा की। विदेश मंत्रालय ने कहा कि उनका एजेंडा विभाजनकारी है।

न्यूज़-18 की रिपोर्ट के अनुसार, नुपुर शर्मा के पैगंबर को लेकर बयान के बाद विवाद उत्पन्न हुआ है। अरब के कई देशों ने उनकी टिप्पणी पर आपत्ति ज़ाहिर की और भारतीय राजदूत को तलब कर नाराज़गी प्रकट की। भाजपा ने भी सभी धर्मों के सम्मान की बात कहकर नुपुर को निलंबित कर दिया है।

ओआईसी के बयान पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा, “हमने संगठन द्वारा भारत को लेकर दिए गए बयान देखे हैं। सरकार ओआईसी सचिवालय के गलत और संकीर्ण बयानों को खारिज करती है। भारत सरकार सभी धर्मों को सर्वोच्च सम्मान देती है।”

उन्होंने कहा, “ओआईसी सचिवालय ने पुनः प्रेरित, गुमराह करने वाली टिप्पणी की है, जो दुःखद है। यह केवल स्वार्थों के संकेतों पर चलाया जा रहा विभाजनकारी एजेंडा है।”

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, “हम इस्लामी सहयोगी संगठन के सचिवालय से अनुरोध करते हैं कि वह सांप्रदायिक रुख को आगे बढ़ाना बंद करें और सभी धर्मों व आस्थाओं के प्रति सम्मान प्रदर्शित करें।”

बागची ने कहा, “कुछ लोगों ने एक धार्मिक व्यक्तित्व को अपमानित करते हुए आपत्तिजनक ट्वीट और बयान दिए थे। ये विवादित बयान भारत सरकार की राय से संबद्ध नहीं हैं। आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की गई है।”

बता दें कि नुपुर शर्मा,के बयान पर पहले कतर, कुवैत व ईरान ने आपत्ति प्रकट की थी। इसके बाद इसमें सऊदी अरब भी सम्मिलित हो गया।