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पाकिस्तान को भारत ने लगाई फटकार, “अपने अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर ध्यान दें पहले”

भारत ने सोमवार (6 जून) को सांप्रदायिक वैमनस्य पैदा करने के प्रयास के लिए पाकिस्तान को फटकार लगाते हुए कहा कि इस्लामाबाद को हिंदुओं, सिखों व ईसाइयों सहित अपने अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा, सुरक्षा व कल्याण पर ध्यान देना चाहिए, जिन्हें परेशान किया जा रहा है।

पाक प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ और उनके विदेश मंत्रालय के बयान पर भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा, “हमने पाकिस्तान के बयानों और टिप्पणियों पर गौर किया है। अल्पसंख्यक अधिकारों का लगातार उल्लंघन करने वाला देश भारत पर टिप्पणी ना ही करे तो उचित है।”

उन्होंने कहा, “दुनिया पाकिस्तान द्वारा हिंदुओं, सिखों, ईसाइयों और अहमदियाओं सहित अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न का गवाह रही है।”

विदेश मंत्रालय ने कहा, “भारत सरकार सभी धर्मों को सर्वोच्च सम्मान देती है। यह पाकिस्तान के बिल्कुल विपरीत है, जहाँ कट्टरपंथियों की प्रशंसा की जाती है और उनके सम्मान में स्मारक बनवाए जाते हैं।”

उन्होंने कहा, “हम पाकिस्तान से अनुरोध करते हैं कि वह भारत में सांप्रदायिक द्वेष फैलाने का प्रयास करने की बजाय अपने अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा और कल्याण पर ध्यान केंद्रित करे।”

रविवार (5 जून) को एक ट्वीट में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शरीफ ने मोहम्मद के बारे में भाजपा नेता नुपुर शर्मा की आहत करने वाली टिप्पणियों की निंदा की थी।

उन्होंने आरोप लगाया था, “मोदी सरकार मुसलमानों की धार्मिक स्वतंत्रता को रौंद रही है और उन्हें प्रताड़ित कर रही है। पवित्र पैगंबर के लिए हमारा प्यार सर्वोच्च है। सभी मुसलमान अपने पैगंबर के प्यार और सम्मान के लिए जीवन बलिदान कर सकते हैं।”

भाजपा ने अपनी राष्ट्रीय प्रवक्ता नूपुर शर्मा को पहले ही निलंबित कर दिया था, जबकि पार्टी की दिल्ली इकाई के मीडिया प्रमुख नवीन जिंदल को उनकी टिप्पणियों पर कई खाड़ी देशों में व्यापक गुस्से के बाद उनकी विवादास्पद टिप्पणी के लिए निष्कासित कर दिया था।