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भारत को 15 लाख टन से अधिक गेहूं आपूर्ति के लिए कई देशों से अनुरोध प्राप्त- रिपोर्ट

भारत को उन देशों से 15 लाख टन से अधिक गेहूं की आपूर्ति करने का अनुरोध प्राप्त हुआ है, जो आवश्यक वस्तुओं की चल रही कमी से जूझ रहे हैं।

रायटर को निर्णय लेने में सम्मिलित एक सरकारी सूत्र ने बताया, “आधा दर्जन से अधिक देशों ने 15 लाख टन से अधिक गेहूं के लिए भारत से संपर्क किया है और हम देखेंगे कि इन अनुरोधों के बारे में क्या किया जा सकता है।”

अधिकारी ने कहा, “भारत कमज़ोर देशों और गेहूं की आवश्यकता वाले किसी भी व्यक्ति की सहायता करने का इच्छुक है।”

अधिकांश अनुरोध बांग्लादेश से आए हैं क्योंकि भारतीय गेहूं की कीमत ढाका के अन्य स्रोतों की तुलना में 30 प्रतिशत सस्ती है। इसके अतिरिक्त, आपूर्ति की अवधि भी कम है क्योंकि भारतीय माल ढुलाई पोत को वहाँ पहुँचने में केवल एक सप्ताह लगता है। ढाका ने वित्त वर्ष 22 में भारत से 40 लाख टन गेहूं आयात किया था।

इस बीच, विश्व के सबसे बड़े गेहूं आयातक मिस्र ने 5 लाख टन अनाज की आपूर्ति का अनुरोध किया। बांग्लादेश और मिस्र के अतिरिक्त जमैका और कुछ एशियाई देश भारतीय गेहूं के अन्य संभावित खरीदार हैं।

भारत से संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम ने भी इथियोपिया और युगांडा जैसे देशों को गेहूं पहुँचाने का अनुरोध किया है।

यह गौर किया जाना चाहिए कि मोदी सरकार ने निजी निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है। फिर भी विदेशी सरकारों से उनकी खाद्य सुरक्षा आवश्यकताओं को पूर्ण करने हेतु गेहूं की आपूर्ति के लिए विशिष्ट अनुरोधों पर विचार किया जा रहा है।