समाचार
प्रधानमंत्री ने की बीएचयू में तमिल अध्ययन पर सुब्रमण्य भारती पीठ की स्थापना की घोषणा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (11 सितंबर) को उत्तर प्रदेश के वाराणसी में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में तमिल अध्ययन पर सुब्रमण्य भारती पीठ की स्थापना की घोषणा की। उन्होंने अहमदाबाद में सरदारधाम भवन का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उद्घाटन करने के बाद यह घोषणा की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 11 सितंबर दुनिया के इतिहास में एक ऐसी तिथि है, जिसे मानवता पर आघात करने के लिए जाना जाता है।

पीएमओ की विज्ञप्ति के अनुसार, उन्होंने कहा, “हालाँकि इस तिथि ने पूरे विश्व को बहुत कुछ सिखाया भी है। एक सदी पूर्व 1 सितंबर 1893 को शिकागो में विश्व धर्म संसद का आयोजन किया गया था। इसी दिन स्वामी विवेकानंद उस वैश्विक मंच पर खड़े हुए और विश्व को भारत के मानवीय मूल्यों से परिचित करवाया था।”

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 11 सितंबर को एक और बड़े आयोजन के रूप में भारत के महान विद्वान, दार्शनिक और स्वतंत्रता सेनानी सुब्रमण्यम भारती की 100वीं पुण्यतिथि है। सरदार वल्लभभाई पटेल द्वारा परिकल्पित एक भारत श्रेष्ठ भारत का दर्शन महाकवि भारती के तमिल लेखन में पूर्ण दिव्यता के साथ चमक रहा है।

उन्होंने कहा कि सुब्रमण्यम भारती ने स्वामी विवेकानंद से प्रेरणा ली और वह श्री अरबिंदो से प्रभावित थे। काशी में रहते हुए भारती ने अपने विचारों और नई ऊर्जा को एक नई दिशा दी।

एक ट्वीट में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “भारत को दुनिया की सबसे पुरानी भाषा तमिल होने पर गर्व है। आज सुब्रमण्यम भारती की 100वीं पुण्यतिथि पर बीएचयू, काशी में तमिल अध्ययन पर सुब्रमण्य भारती चेयर की स्थापना की घोषणा करते हुए सम्मानित महसूस कर रहा हूँ।”

उन्होंने कहा कि सुब्रमण्यम भारती ने हमेशा मानव जाति और भारत की एकता पर विशेष बल दिया है। उनके आदर्श भारत के विचार एवं दर्शन का अभिन्न अंग हैं।