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भारत और इज़राइल ने प्रौद्योगिकियों के विकास हेतु किया द्विपक्षीय नवोन्मेष समझौता

भारत और इज़राइल ने मंगलवार (9 नवंबर) को दोहरे उपयोग वाली प्रौद्योगिकियों के विकास के लिए दोनों देशों के स्टार्टअप व एमएसएमई में नवाचार और त्वरित अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) को बढ़ावा देने हेतु एक द्विपक्षीय नवोन्मेष समझौता (बीआईए) पर हस्ताक्षर किए।

रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि इस समझौते के अंतर्गत दोनों देशों के स्टार्टअप व उद्योग ड्रोन, रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), क्वांटम टेक्नोलॉजी, फोटोनिक्स, बायोसेंसिंग, ब्रेन-मशीन इंटरफेस, एनर्जी स्टोरेज, वियरेबल उपकरण, प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में अगली पीढ़ी की तकनीकों और उत्पादों को लाने के लिए मिलकर कार्य करेंगे।

भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और इज़राइल के रक्षा अनुसंधान और विकास निदेशालय (डीडीआरएंडडी) के मध्य समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। डीआरडीओ के अध्यक्ष जी सतीश रेड्डी और डीडीआरएंडडी के प्रमुख डेनियल गोल्ड ने नई दिल्ली में समझौते पर हस्ताक्षर किए।

समझौते के तहत विकसित उत्पादों और प्रौद्योगिकियों को दोनों देशों की अनूठी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अनुकूलित किया जाएगा। बीआईए के तहत विकसित प्रौद्योगिकियाँ दोनों देशों को उनके घरेलू अनुप्रयोगों के लिए उपलब्ध होंगी।

मंत्रालय ने कहा कि विकास के प्रयासों को डीआरडीओ और इज़राइल के डीडीआरएंडडी द्वारा संयुक्त रूप से वित्त पोषित किया जाएगा।