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भारत को वित्त वर्ष-22 में 83.57 अरब डॉलर का सर्वाधिक एफडीआई प्रवाह प्राप्त हुआ

भारत ने वित्तीय वर्ष 2021-22 में 83.57 अरब डॉलर का अब तक का सर्वाधिक वार्षिक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) दर्ज किया, जो गत वर्ष से 1.60 अरब डॉलर अधिक है।

वित्त वर्ष 2020-21 में देश का कुल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्रवाह 81.97 अरब डॉलर रहा था।

वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने शुक्रवार (20 मई) को एक बयान में कहा, “यूक्रेन में सैन्य अभियान और कोविड-19 महामारी के बावजूद वित्त वर्ष-2022 में एफडीआई प्रवाह में वृद्धि हुई है।”

मंत्रालय ने कहा कि वित्त वर्ष-2015 में भारत का एफडीआई प्रवाह 45.15 अरब डॉलर था। बयान में कहा गया, “वित्त वर्ष 03-04 के बाद से भारत का एफडीआई प्रवाह 20 गुना बढ़ा है, जब आमद केवल 4.3 अरब डॉलर थी।”

मंत्रालय ने कहा कि वित्त वर्ष 2019 के दौरान कुल प्रवाह 62 अरब डॉलर था, जबकि वित्त वर्ष 2020 में यह प्रवाह 74.39 अरब डॉलर हो गया था। विनिर्माण क्षेत्र में विदेशी निवेश के लिए भारत तेज़ी से एक पसंदीदा देश के रूप में उभर रहा है।

वित्त वर्ष 2021-22 के लिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश इक्विटी प्रवाह के शीर्ष निवेशक देशों के मामले में सिंगापुर 27 प्रतिशत के साथ शीर्ष पर है। इसके बाद अमेरिका (18 प्रतिशत) और मॉरीशस (16 प्रतिशत) हैं।

कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान एफडीआई इक्विटी प्रवाह के शीर्ष प्राप्तकर्ता क्षेत्र के रूप में उभरा है, जिसमें क्रमशः सेवा क्षेत्र (12 प्रतिशत) और ऑटोमोबाइल उद्योग (12 प्रतिशत) की भागीदारी लगभग 25 प्रतिशत है।

वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर क्षेत्र के तहत एफडीआई इक्विटी प्रवाह के प्रमुख प्राप्तकर्ता राज्य कर्नाटक (53 प्रतिशत), दिल्ली (17 प्रतिशत) और महाराष्ट्र (17 प्रतिशत) हैं।

वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान रिपोर्ट किए गए कुल एफडीआई इक्विटी प्रवाह में 38 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ कर्नाटक शीर्ष प्राप्तकर्ता है। इसके बाद महाराष्ट्र (26 प्रतिशत) और दिल्ली (14 प्रतिशत) का स्थान आता है।