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भारत सहित जी-4 देशों ने यूएनएससी को अधिक प्रभावी बनाने हेतु सुधार की मांग की

जी-4 देश भारत, जर्मनी, जापान व ब्राज़ील ने बुधवार (22 सितंबर) को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् (यूएनएससी) में सुधारों का आह्वान किया, ताकि इसे और अधिक वैध, प्रभावी व प्रतिनिधि बनाया जा सके।

जी-4 देशों के विदेश मंत्रियों ने बुधवार (22 सितंबर) को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें सत्र के दौरान भेंट की। बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर, ब्राज़ील के विदेश मंत्री फ्रेंको फ्रांका, जर्मन विदेश मंत्री हेइको मास और जापानी विदेश मंत्री मोतेगी तोशिमित्सु ने भाग लिया।

विदेश मंत्रालय के एक बयान में कहा, “मंत्रियों ने विकासशील देशों और प्रमुख योगदानकर्ताओं सहित समकालीन दुनिया की वास्तविकता को प्रतिबिंबित करके इसे और अधिक वैध, प्रभावी और प्रतिनिधि बनाने के लिए सुरक्षा परिषद् में सुधार की आवश्यकता को रेखांकित किया है।”

जी-4 के मंत्रियों ने महासभा के 75वें सत्र के कार्य की समीक्षा करते हुए स्वागत किया कि सभा ने सभी राष्ट्राध्यक्षों और सरकार के प्रमुखों की सुरक्षा परिषद् के सुधार के लिए चर्चा में नया अस्तित्व स्थापित करने की प्रतिबद्धता पर विचार किया। संयुक्त राष्ट्र की 75वीं वर्षगाँठ के उपलक्ष्य में हुई घोषणा में इसका उल्लेख किया गया था।

मंत्रालय ने कहा कि जी-4 मंत्रियों ने एक निश्चित समय सीमा में ठोस परिणाम प्राप्त करने के लिए अन्य सुधारवादी देशों और समूहों सहित सभी इच्छुक सदस्य देशों के साथ वार्ता तेज़ करने का निर्णय किया है।

जी-4 मंत्रियों ने पुष्टि की कि स्थाई और गैर-स्थाई सीटों के विस्तार के माध्यम से सुरक्षा परिषद् में सुधार करना अनिवार्य है, ताकि वह अंतर-राष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा के रखरखाव के लिए हमेशा जटिल व उभरती चुनौतियों से बेहतर तरीके से निपट सके। इस तरह वह अपने कर्तव्यों का अधिक प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकेगा।