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भारत की दो टूक- “यदि यूके ने कोविशील्ड को मान्यता नहीं दी तो करेंगे जवाबी कार्रवाई”

भारत ने मंगलवार (21 सितंबर) को कहा कि ब्रिटेन ने कोविड-19 वैक्सीन कोविशील्ड को मान्यता ना देकर भेदभाव पूर्ण तरीका अपनाया है। अगर इसका कोई समाधान न निकाला गया तो जवाबी कार्रवाई की जाएगी।

हिंदुस्तान लाइव की रिपोर्ट के अनुसार, विदेश सचिव हर्षवर्धन शृंगला ने इस मामले को ब्रिटेन के नए विदेश सचिव के समक्ष प्रमुखता से उठाया है। उन्होंने कहा, “ब्रिटेन सरकार का कोविशील्ड को मान्यता ना देने का निर्णय भेदभाव पूर्ण है।”

उन्होंने आगे कहा, “यह भारत के पारस्परिक उपाय करने के अधिकार के भीतर आता है। यह तरीका यूके की यात्रा करने वाले भारतीय नागरिकों को प्रभावित करता है। मुझे कुछ आश्वासन दिए गए हैं कि इस मुद्दे को शीघ्र सुलझा लिया जाएगा।”

ब्रिटेन में नेशनल इंडियन स्टूडेंट एंड एलुमनाई यूनियन (एआईएसएयू) की अध्यक्षा सनम अरोड़ा ने कहा, “भारतीय विद्यार्थी परेशान हैं। उन्हें लगता है कि यह भेदभावपूर्ण कदम है क्योंकि अमेरिका और यूरोपीय संघ के उनके समकक्षों की तुलना में उनके साथ अलग व्यवहार किया जा रहा है।”

बता दें कि भारत की अधिकतर आबादी को कोविशील्ड का टीका ही लगाया गया है। यह ब्रिटेन की एस्ट्रोजेनेका वैक्सीन का भारतीय संस्करण है। इसे भारत में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने बनाया है। यूके ने अपने कोविड-19 यातायात नियमों में परिवर्तन किए हैं, जिसके बाद इस मामले ने एक विवाद का रूप ले लिया।