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सरकार व उद्योग मिलकर काम करें तो 10 खरब डॉलर का लक्ष्य प्राप्त कर सकते- गोयल

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार (17 दिसंबर) को आग्रह किया कि भारतीय उद्योग बड़ा सोचें और 2047 तक परिवर्तनकारी बदलाव प्राप्त करने की दृष्टि के साथ त्वरित व आक्रामक लक्ष्य निर्धारित करें।

वे नई दिल्ली में फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) के 94वें वार्षिक सम्मेलन में भाषण दे रहे थे। मंत्री ने दुबई एक्सपो में भारतीय पवेलियन को महामारी के कारण होने वाली भारी चुनौतियों और अनिश्चितताओं के बीच एक वास्तविकता बनाने के लिए फिक्की की सराहना की।

मंत्री ने आशा व्यक्त की कि दुबई के प्रयोग को दिल्ली के प्रगति मैदान में दोहराया जाएगा। सेवा निर्यात में हासिल की गई वृद्धि को रेखांकित करते हुए मंत्री ने यह भी कहा कि 400 अरब डॉलर मूल्य के व्यापारिक निर्यात बहुत अच्छी तरह से एक वास्तविकता बन सकते हैं।

मंत्री ने कहा, “संकट से यह सबक मिला है कि यदि सरकार व उद्योग मिलकर काम करते हैं और हमारे सभी अभियानों को पूरा करते हैं तो उपलब्धियाँ प्राप्त हो जाएँगी। यदि हम 2030 तक 10 खरब डॉलर की सेवाओं और व्यापारिक निर्यात तक पहुँचने की इच्छा रखते हैं तो हम इसे भी प्राप्त कर लेंगे।”

जिन एफटीए पर काम चल रहा है उनके बारे में बताते हुए मंत्री ने कहा कि यूएई, कनाडा, यूके के साथ एफटीए जल्द ही होने वाले हैं और ईयू और इज़राइल के साथ एफटीए पहले ही शुरू हो चुके हैं। जीसीसी देशों ने भी इस मोर्चे पर भारत के साथ बातचीत शुरू करने में रुचि दिखाई है।

गोयल ने कहा कि संयुक्त अरब अमीरात के साथ एक एफटीए के साथ, दुबई में एक इंडिया मार्ट की स्थापना जैसे अन्य रास्ते भी ढूँढे जा रहे हैं, जिसमें स्टोर, गोदामों को सस्ती कीमतों पर सम्मिलित किया गया है।