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भारत और बांग्लादेश जल्द से जल्द सीईपीए पर संयुक्त अध्ययन को अंतिम रूप देंगे

भारत और बांग्लादेश ने शुक्रवार (4 मार्च) को वृहद आर्थिक भागीदारी समझौते (सीईपीए) पर संयुक्त अध्ययन को अंतिम रूप देने सहित कई मुद्दों पर चर्चा के लिए वाणिज्य सचिव स्तर की बैठक की।

भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व केंद्रीय वाणिज्य सचिव बीवी आर सुब्रह्मण्यम ने किया और बांग्लादेश के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व बांग्लादेश के वाणिज्य मंत्रालय में वरिष्ठ सचिव तपन कांति घोष ने किया।

वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने शनिवार (5 मार्च) को एक विज्ञप्ति में कहा, “दोनों पक्षों ने आपसी हित के विभिन्न मुद्दों पर व्यापक चर्चा की, जिसमें रेलवे के इंफ्रास्ट्रक्चर, बंदरगाह के इंफ्रास्ट्रक्चर, सीईपीए पर संयुक्त अध्ययन, सीमा हाट, मल्टी-मोडल परिवहन के माध्यम से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, मानकों का सामंजस्य और पारस्परिक मान्यता समझौते का विकास सम्मिलित है।”

दोनों पक्षों ने हाल ही के वर्षों में दोनों देशों के मध्य द्विपक्षीय व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि की सराहना की। उन्होंने रेलवे के माध्यम से दोनों देशों के बीच व्यापार को सुगम बनाने पर चर्चा की।

बांग्लादेश के सिराजगंज बाज़ार में कंटेनर हैंडलिंग सुविधा विकसित करने के लिए एक विस्तृत परियोजना प्रस्ताव (डीपीपी) को स्वीकृति दी गई।

दोनों पक्षों ने बांग्लादेश द्वारा खाली रेलवे वैगनों-कंटेनरों को वापस करने के उपयोग पर भी चर्चा की और सहमति बनी। इससे बांग्लादेश को भारत के निर्यात की कुल रसद लागत कम हो जाएगी।

यह निर्णय लिया गया कि कोविड प्रतिबंधों के कारण बंद किए गए सीमा हाट को शीघ्र खोला जाएगा। यह भी निर्णय लिया गया कि पेट्रापोल-बेनापोल इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट (आईसीपी) के पूरे समय संचालन को शीघ्र ही लागू किया जाएगा।

दोनों पक्षों ने बहु-मॉडल परिवहन के माध्यम से दोनों देशों के मध्य क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करने पर चर्चा की। इसके अतिरिक्त, यह निर्णय लिया गया कि सीईपीए पर संयुक्त अध्ययन को जल्द से जल्द अंतिम रूप दिया जाएगा।