समाचार
डिफेंस एक्सपो संग द्विवार्षिक रूप से भारत-अफ्रीका रक्षा वार्ता आयोजित होगी- सरकार

अफ्रीकी देशों व भारत के मध्य मौजूदा संबंधों को और सशक्त बनाने के लिए नई दिल्ली ने भारत-अफ्रीका रक्षा वार्ता को लगातार डिफेंस एक्सपो के दौरान आयोजित करके संस्थागत बनाने का प्रस्ताव दिया है, जो प्रत्येक दो वर्ष में होती है।

रक्षा और विदेश मंत्रालय ने पहली बार 6 फरवरी 2020 को रक्षा प्रदर्शनी के साथ उप्र के लखनऊ में भारत-अफ्रीका रक्षा मंत्री कॉन्क्लेव (आईएडीएमसी) किया था।

भारत-अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन-4 के क्रम में मंत्रीस्तरीय पैन अफ्रीका कार्यक्रमों की शृंखला में यह पहला था। मंत्रालय ने कहा कि कॉन्क्लेव के परिणाम दस्तावेज के रूप में आईएडीएमसी-2020 के समापन के बाद संयुक्त लखनऊ घोषणा लागू की गई थी।

मंत्रालय ने कहा, “घोषणा को आगे बढ़ाने और हितधारकों के परामर्श से भारत हर दो वर्ष में एक बार होने वाली डिफेंस एक्सपो में भारत-अफ्रीका रक्षा वार्ता को संस्थागत बनाने का प्रस्ताव करता है।”

रक्षा मंत्रालय ने सोमवार (13 सितंबर) को एक बयान में कहा, “भारत-अफ्रीका रक्षा वार्ता के संस्थापन से अफ्रीकी देशों और भारत के मध्य वर्तमान साझेदारी के निर्माण में सहायता मिलेगी। साथ ही क्षमता निर्माण, प्रशिक्षण, साइबर सुरक्षा, समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी क्षेत्रों सहित आपसी जुड़ाव के लिए अभिसरण के नए क्षेत्रों का पता लगाने में भी सहायता मिलेगी।”

मंत्रालय ने कहा, “यह निर्णय लिया गया कि मनोहर पर्रिकर रक्षा अध्ययन एवं विश्लेषण संस्थान भारत-अफ्रीका रक्षा वार्ता का ज्ञान भागीदार होगा। यह भारत व अफ्रीका के मध्य रक्षा सहयोग बढ़ाने के लिए आवश्यक सहायता प्रदान करने में सहायक होगा।”

इसके अतिरिक्त, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मार्च 2022 में गुजरात के गांधीनगर में डिफेंस एक्सपो से इतर होने वाली अगली भारत-अफ्रीका रक्षा वार्ता में अफ्रीकी राष्ट्रों के रक्षा मंत्रियों की मेजबानी करेंगे।

मंत्रालय ने कहा कि इस भारत-अफ्रीका रक्षा वार्ता का व्यापक विषय भारत-अफ्रीका: रक्षा व सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने और तालमेल के लिए रणनीति अपनाना होगा।