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चेन्नई में दो वित्तीय समूहों पर आयकर का छापा, ₹300 करोड़ की अघोषित आय पकड़ी

आयकर विभाग ने चेन्नई में दो सिंडिकेट फाइनेंसिंग समूहों पर छापेमारी अभियान चलाकर 300 करोड़ रुपये से अधिक की अघोषित आय का पता लगाया। आईटी विभाग ने 23 सितंबर को 35 परिसरों में तलाशी अभियान चलाया था।

वित्त मंत्रालय ने शनिवार (25 सितंबर) को एक बयान में कहा, “अब तक की गई छापेमारी में 300 करोड़ रुपये से अधिक की अघोषित आय का पता चला है। अब तक 9 करोड़ रुपये की नगदी बरामद की गई है।”

मंत्रालय ने कहा कि फाइनेंसरों और उनके सहयोगियों के परिसरों में मिले साक्ष्यों से पता चला कि इन समूहों ने तमिलनाडु में विभिन्न बड़े कॉरपोरेट घरानों और व्यवसायों को ऋण दिया, जिनमें से एक बड़ा हिस्सा नगद में है। यह भी पता चला कि वे उच्च ब्याज दर वसूल रहे हैं। इसके एक हिस्से को कर के रूप में प्रस्तुत नहीं करते हैं।”

मंत्रालय के अनुसार, समूहों द्वारा अपनाए गए तौर-तरीकों से जानकारी मिलती है कि ऋणकर्ताओं द्वारा अधिकतर ब्याज भुगतान नकली बैंक खातों में प्राप्त होते हैं। कर उद्देश्यों के लिए इसे प्रकट नहीं किया जाता है।

इसके अतिरिक्त, बेहिसाब धन को छिपाया जाता है और समूहों के खातों में असुरक्षित ऋण, विविध लेनदारों आदि के रूप में लाया जाता है। आयकर विभाग की छापेमारी के दौरान मिले साक्ष्यों ने इन व्यक्तियों द्वारा कई अघोषित संपत्ति में निवेश और अन्य आय के बारे में खुलासा किया है।