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आईएमएफ प्रमुख ने प्रधानमंत्री मोदी से की गेहूं निर्यात प्रतिबंध पर पुनः विचार की अपील

अंतर-राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जिवा ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अनुरोध किया है कि वे जितनी जल्दी हो सके गेहूं के निर्यात पर लगी पाबंदी पर पुनः विचार करें।

आजतक की रिपोर्ट के अनुसार, आईएमएफ प्रमुख ने दावोस में विश्व आर्थिक मंच से कहा, “निर्यात पर पाबंदी लगाने से अन्य देश भी ऐसा ही कर सकते हैं, जिससे वैश्विक समुदाय इस संकट से निपटने हेतु तैयार नहीं हो पाएगा।”

उन्होंने कहा, “मैं भारत की सराहना करती हूँ कि उसे 1.35 अरब लोगों का पेट भरने की आवश्यकता है। मैं समझ सकती हूँ कि लू के कारण गेहूँ की उत्पादकता में गिरावट आई है। फिर भी मैं प्रधानमंत्री मोदी से अनुरोध करती हूँ कि वे इस पर विचार करें।”

क्रिस्टालिना जॉर्जिवा ने कहा, “रूस और यूक्रेन युद्ध के कारण गेहूं आपूर्ति काफी प्रभावित हुई है। यदि भारत निर्यात पाबंदी हटा लेता है तो वह कितना निर्यात करेगा और किन-किन देशों को करेगा, इससे आकलन लगाया जा सकता है कि कितनी सहायता मिलेगी। यदि मिस्र और लेबनान जैसे देशों में गेहूं निर्यात किया जाता है तो इसका बड़ा प्रभाव पड़ सकता है क्योंकि ये देश आपूर्ति बाधित होने से सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं।”

बता दें कि चीन के बाद भारत गेहूं का सबसे बड़ा उत्पादक देश है। यहाँ लू की वजह से मार्च में गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुँचा था। इससे मूल्य बहुत बढ़ने लगे थे और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु प्रतिबंध का निर्णय लिया गया था।

वहीं, जी-7 देशों ने गेहूं निर्यात पर पाबंदी लगाने के भारत के कदम की आलोचना की थी। जर्मनी के कृषि मंत्री ने कहा था, “हम भारत से आग्रह करते हैं कि जी-20 समूह का सदस्य होने के नाते वह अपनी ज़िम्मेदारी निभाए।”