विचार
ये 12 प्रश्न जो सोनिया गांधी से पूछे जाने चाहिए

यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने लंबे समय से कोई साक्षात्कार (इंटरव्यू) नहीं दिया है। अगर वे साक्षात्कार देती भी हैं तो राजनीति के विषय में कम ही बात करती हैं। इसकी आलोचना करना स्वाभाविक है क्योंकि कई दशक सक्रिय राजनीति में व्यतीत करने और 10 वर्षों तक अप्रत्यक्ष रूप से प्रधानमंत्री की भूमिका निभाने के बावजूद वे राजनीतिक मुद्दों पर अपने विचार नहीं रखतीं।

लेकिन ये 12 प्रश्न हैं जो हम आशा करते हैं कि कभी कोई पत्रकार उनसे पूछे-

  1. क्या आपको इस बात का अहसास नहीं हुआ कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई ऐक्ट) एक सांप्रदायिक विधेयक है और इसके कारण सैकड़ों विद्यालयों को बंद होना पड़ा?
  2. आप पर आरोप है कि 2004-14 के बीच आपने स्वयं प्रधानमंत्री की भूमिका निभाकर प्रधानमंत्री के पद का अपमान किया है। यह कहा जाता है कि बिना जवाबदेही के आपने अपने मतानुसार अपनी शक्तियों का उपयोग किया। इस पर आप क्या प्रतिक्रिया देना चाहेंगी?
  3. आपको 2जी घोटाले के बारे में पहली बार कब पता चला और उसके बाद आपने सरकार को प्रथम निर्देश क्या दिए?
  4. यह कहा जाता है कि प्रधानमंत्री कार्यालय से फाइलें आपकी अनुमति के लिए 10 जनपथ आया करती थीं। क्या आपको नहीं लगता कि यह भारतीय संविधान को नीचा दिखाता है?
  5. 1984 की तबाही पर राजीव गांधी के “बड़े पेड़ गिरते हैं…” कथन के विषय में आपका क्या विचार है?
  6. आप ओतावियो क्वात्रोची को कैसे जानती हैं और प्रधानमंत्री राजीव गांधी तक उनकी पहुँच कैसे हुई?
  7. क्या आपको बाद में कभी ऐसा लगा कि राजीव गांधी शाह बानो केस और राम जन्मभूमि मामले से भिन्न तरीके से निपट सकते थे?
  8. उनकी जीवनी में ऐसा कहा गया है कि पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव के देहांत के बाद आपने उनके शव को कांग्रेस मुख्यालय के भीतर तक आने नहीं दिया था। आप इस पर अपनी सफाई क्यों नहीं देतीं?
  9. शरद पवार ने आपकी विदेशी पृष्ठभूमि की बात कहते हुए कांग्रेस पार्टी छोड़ दी। आपने उन्हें कांग्रेस के साथ गठबंधन करने के लिए कैसे मनाया?
  10. अपने दामाद रॉबर्ट वाड्रा की संपत्ति के विषय में हो रही चर्चाओं पर आप क्या कहना चाहेंगी?
  11. नेशनल हेराल्ड का स्वामित्व यंग इंडिया लिमिटेड, जो कि आपके और आपके बेटे की अव्यवसायिक संस्था है, को देने की क्या आवश्यकता थी?
  12. भारतीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने के बाद क्या आपको नहीं लगता कि भारतीय जनता को आपके स्वास्थ्य के विषय में जानने का अधिकार है?