विचार
क्या कांग्रेस-शासित पंजाब दिल्ली के प्रदूषण के लिए ज़िम्मेदार है?

प्रसंग
  • पंजाब में बड़ी मात्र में पलारी जलान दिल्ली के वायु प्रदूषण के लिए ज़िम्मेदार है, और सरकार के पास इसे रोकने के लिए कोई योजना नहीं है।

जैसे पंजाब के किसान पलारी जला रहे हैं, दिल्ली के लोगों का दम घुट रहा हैI पलारी के जलाने से उसके धुँए से निकलने वाली खतरनाक गैसें राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) पर छा गईं हैंI

जब फसलें कट जातीं हैं तो खेत में उसके अवशेषों को जला दिया जाता है जिसे पलारी जलाना कहते हैंI यह इसलिए जलाई जाती है क्योंकि खेत को अगली बुवाई के लिए तैयार किया जा सकेI हालाँकि जलाने से कण पदार्थ (पीएम) और गसीय पदार्थ (CO2, CH4, CO, N2O, NO2, NO3 और SO2) निकलते हैंI ऐसा देखा गया है कि दिल्ली शहर के उत्तर में स्थित राज्यों में पलारी जलाना इसके वायु प्रदूषण के मुख्य कारणों में से एक हैI

प्रदूषण कहाँ से आ रहा है ?

जैसा कि ऊपर बताया गया है, आमतौर पर पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों को राजधानी के ज्यादातर प्रदूषण के लिए जिम्मेदार ठहराया जाता हैI उदहारण के लिए, सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (एसएएफएआर) की 27 अक्तूबर 2018 की रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब और हरियाणा में पलारी जलाने से दिल्ली के 32 प्रतिशत वायु प्रदूषण में योगदान हुआ हैI

तथ्य कुछ और ही कहानी कहते हैं

नासा के उपग्रह से प्राप्त तस्वीरों से अनुसार, पलारी जलाने की ज़्यादातर घटनाएँ पंजाब राज्य में हो रहीं हैंI हरियाणा का योगदान बहुत कम है, और यहाँ भारतीय जनता पार्टी की सरकार द्वारा अपनाई गयी नयी योजना के बाद तो इसमें और भी कमी आई हैI

नासा की वेबसाइट का एक स्क्रीनशॉट नीचे दिया गया है, जहाँ पीले रंग के सर्किल पंजाब के अनुमानित क्षेत्र को दर्शाते हैं, और लाल बिंदु आग की घटनाओं कोI

पंजाब में पलारी जलाने की नासा की तस्वीरें

नीचे नासा की उपग्रह की तस्वीर दी गयी है जिसमें 28 अक्तूबर 2018 को पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आग की संख्या दर्शायी गई हैI यह ध्यान में रखने वाली बात है कि अक्तूबर और नवंबर के महीने पंजाब और हरियाणा के कटाई के मौसम होते हैंI इसीलिए, इनमें से अधिकतर आग की संख्या पलारी जलाने के कारण हैI

तस्वीर दर्शाती है :

पंजाब में आग की संख्या -2,847

हरियाणा में आग की संख्या – 341

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आग की संख्या – 228

अब यह साफ़ हो गया है कि पंजाब में आग की संख्या हरियाणा में आग की संख्या से 734 प्रतिशत ज्यादा हैI ऐसा लगता है कि पंजाब में कांग्रेस की सरकार के पास किसानों द्वारा पलारी जलाने को रोकने के लिए और इसकी वजह से दिल्ली एनसीआर में रह रहे लोगों को परिणामस्वरूप नुकसान के खतरों से बचाने के लिए कोई योजना या उपाय नहीं हैंI

भारत में ज़्यादातर समाचार रिपोर्ट दिल्ली के वायु प्रदूषण के लिए पंजाब और हरियाणा में पलारी जलाने को जिम्मेदार ठहरातीं हैंI हालाँकि इस मुद्दे का गहरायी से विश्लेषण करने पर पता चलता है कि बीजेपी-शाषित हरियाणा और पूर्वी उत्तर प्रदेश राज्यों ने इन पलारी जलाने की घटनाओं पर बहु-प्रवृत नीति को अपनाकर काबू कर लिया हैI

जहाँ नासा की उपग्रह तस्वीर में देखा गया है कि पलारी जलाने की ज्यादातर घटनाएं यह स्थापित करती हैं कि कांग्रेस सरकार द्वारा किसी भी ठोस रणनीति की कमी की वजह से दिल्ली का ज़्यादातर प्रदूषण पंजाब के किसानों द्वारा जलाई गयी पलारी से होता हैI

इस तरह से जाहिर है कि यह सरकारी मुद्दा ज्यादा है, जैसे हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश ने दिखाया है कि इसे कैसे प्रभावी तरीके से किया जा सकता है, वहीं कांग्रेस-शासित पंजाब इसके ऊपर काम करने की बजाये अभी भी बहाने ढूढ रहा हैI

यह लेख सबसे पहले ‘द ट्रू पिक्चर’ में छपा था और यहाँ अनुमति के साथ फिर से छापा जा रहा हैI

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