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राँची में स्त्री-शक्ति: सर्व-महिला समूह द्वारा 12 सालों से हो रहा है दुर्गा पूजा पांडाल का आयोजन

सामान्यतः देशभर में दुर्गा पूजा के पांडालों का आयोजन और प्रबंधन पुरुषों द्वारा होता है। झारखंड के रांची में में महिलाओं के एक समूह ने इस प्रथा को तोड़ा है। ‘मातृ संघ दुर्गा पूजा समिति’ नामक एक संस्था जिसमें सभी  सदस्य महिलाएँ हैं, पिछले 12 वर्षों से दुर्गा पूजा पांडाल बनाकर इस उत्सव को मना रही है।

संस्था की अध्यक्षा क्षिप्रा सहाय कहती हैं कि इसके लिए प्रेरणा उन्हें  अपनी स्वर्गीय पति से मिली जो उन्हें बाहर जाकर पूजा करने की बजाय स्वयं पांडाल का आयोजन करने के लिए प्रोत्साहित करते थे। 2006 में 15 अन्य महिलाओं के साथ, क्षिप्रा ने पांडाल का आयोजन शुरु कर दिया और फिर वे कभी नहीम रुकीं।

क्षिप्रा ने द न्यू इंडियन एक्सप्रेस से कहा, “हालाँकि यह बहुत छोटी बात है लेकिन आसपास के लोगों के अलावा, बाहरी लोग भी इस पांडाल के दर्शन करने आते हैं क्योंकि यह पांडाल केवल महिलाओं द्वारा आयोजित किया जाता है। उन्हें यह देखकर आश्चर्य भी होता है कि महिलाओं ने पांडाल की हर छोटी-बड़ी व्यवस्था का दायित्त्व अपने ऊपर ले रखा है।”

महिलाओं का यह समूह शुरू से अंत तक हर चीज़ का ध्यान रखता है, आवश्यक व्यवस्थाओं और सामग्रियों से लेकर आयोजन हेतु आर्थिक ज़रूरत तक। यह समूह पूजा आयोजन में समानता सुनिश्ति करने के लिए सारी बाधाओं को पार कर रहा है।