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आईसीएमआर ने 2 घंटे में ओमिक्रॉन का पता लगाने हेतु परीक्षण किट विकसित की- रिपोर्ट

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद् (आईसीएमआर) ने 2 घंटे के भीतर कोविड-19 के ओमाइक्रोन प्रकार का पता लगाने के लिए एक परीक्षण किट तैयार की।

पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए कार्य करने वाली क्षेत्रीय चिकित्सा अनुसंधान केंद्र (आरएमआरसी) के वैज्ञानिकों की एक टीम ने किट को विकसित किया। वैज्ञानिक डॉ विश्वज्योति बोरकाकोटी ने शोध समूह का नेतृत्व किया।

एएनआई को दिए एक बयान में डॉ बोरकाकोटी ने पुष्टि की, “डिब्रूगढ़ के आईसीएमआर-आरएमआरसी ने नए संक्रमण के प्रकार ओमिक्रॉन (बी.1.1.529) सार्क-कोव-2 (कोविड-19) का पता लगाने के लिए हाइड्रोलिसिस जाँच-आधारित वास्तविक-समय की आरटी-पीसीआर जाँच को डिज़ाइन और विकसित किया। यह दो घंटे के भीतर नए प्रकार का पता लगा सकती है।”

वैज्ञानिक ने इस विकास के महत्व पर बल देते हुए कहा कि वर्तमान में लक्षित अनुक्रमण और पूरे-जीनोम अनुक्रमण के लिए क्रमशः लगभग 36 घंटे और 4-5 दिनों की अवधि की आवश्यकता होती है, ताकि वायरस के ओमिक्रॉन प्रकार का पता लगाया जा सके।

किट का निर्माण अब कोलकाता स्थित जीसीसी बायोटेक कंपनी द्वारा सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर किया जा रहा है।

डॉ बोरकाकोटी ने कहा कि उनके आंतरिक सत्यापन के अनुसार परीक्षण 100 प्रतिशत सटीक निकले।