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डीआरडीओ, आईएएफ द्वारा लंबी दूरी तक मार करने वाले स्वदेशी बम का सफल परीक्षण

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और भारतीय वायुसेना (आईएएफ) की टीम ने शुक्रवार (29 अक्टूबर) को संयुक्त रूप से एक हवाई मंच से स्वदेशी रूप से विकसित लंबी दूरी तक मार करने में सक्षम बम (एलआरबी) का परीक्षण किया।

रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान से एलआर बम गिराए जाने के बाद भूमि पर मौजूद लक्ष्य को लंबी दूरी से सटीकता से और निर्धारित सीमा में भेदा गया।

मंत्रालय ने कहा, “सभी मिशन उद्देश्यों को सफलतापूर्वक पूरा किया गया। बम की उड़ान और प्रदर्शन की निगरानी ओडिशा के चांदीपुर में तैनात एकीकृत परीक्षण रेंज पर इलेक्ट्रो ऑप्टिकल ट्रैकिंग सिस्टम (ईओटीएस), टेलीमेट्री और राडार सहित कई संवेदकों से की गई थी।”

एलआर बम को अन्य डीआरडीओ प्रयोगशालाओं के समन्वय में हैदराबाद स्थित एक डीआरडीओ प्रयोगशाला, रिसर्च सेंटर इमरत (आरसीआई) द्वारा डिज़ाइन और विकसित किया गया।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डीआरडीओ, आईएएफ और सफल उड़ान परीक्षण से जुड़ी अन्य टीमों को बधाई दी है और कहा कि यह भारतीय सशस्त्र बलों के बल को कई गुना तक बढ़ाने वाला साबित होगा।

डीआरडीओ के अध्यक्ष जी सतीश रेड्डी ने अपने संदेश में टीमों को कहा कि लंबी दूरी के बम के सफल परीक्षण ने इस वर्ग के सिस्टम के स्वदेशी विकास में एक महत्वपूर्ण कीर्तिमान बनाया है।