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स्वदेशी विमान वाहक विक्रांत ने पाँच दिवसीय पहली समुद्री यात्रा सफलतापूर्वक पूरी की

भारत के प्रथम स्वदेशी विमान वाहक (आईएसी) विक्रांत ने पाँच दिवसीय अपनी पहली समुद्री यात्रा रविवार (8 अगस्त) को सफलतापूर्वक पूरी कर ली। इस 40,000 टन के वजन वाले युद्धपोत की प्रमुख प्रणालियों का प्रदर्शन संतोषजनक पाया गया।

दि इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने बताया कि 23,000 करोड़ रुपये की राशि से स्वदेशी रूप से निर्मित इस विमान वाहक पोत के आगामी वर्ष के अगस्त तक नौसेना में सम्मिलित होने की योजना है। इसने समुद्र में महत्वपूर्ण परीक्षण के लिए बुधवार को यात्रा शुरू की थी।

भारतीय नौसेना के प्रवक्ता कमांडर विवेक मधवाल ने कहा, “आईएसी विक्रांत ने अपनी पहली समुद्री यात्रा आज सफलतापूर्वक पूरी कर ली। परीक्षण योजना के अनुसार आगे बढ़े और प्रणाली के मानक संतोषजनक साबित हुए।”

उन्होंने बताया कि समुद्री परीक्षण के दौरान पोत के ढाँचे, मुख्य प्रणोदन, ऊर्जा निर्माण एवं वितरण (पीजीडी),  सहायक उपकरणों सहित इसके प्रदर्शन का परीक्षण किया गया।

कमांडर मधवाल ने कहा, “परीक्षण योजना के अनुसार आगे बढ़े हैं और प्रणाली के मानक संतोषजनक सिद्ध हुए हैं। इनकी अंतिम दिन नौसेना की दक्षिणी कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ वाइस एडमिरल एके चावला ने समीक्षा की।”

उन्होंने कहा कि विक्रांत को भारत की स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगाँठ ‘आज़ादी का अमृत महोत्सव’ के उपलक्ष्य में होने वाले समारोहों के साथ नौसेना में शामिल करने का लक्ष्य रखा जा रहा है।