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रूस से एक माह में जितना तेल खरीदते, उतना यूरोप एक दोपहर में ले लेता- एस जयशंकर

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार (11 अप्रैल) को ज़ोर देकर कहा, “भारत ने रूस-यूक्रेन संघर्ष पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। नई दिल्ली संघर्ष के विरुद्ध है और हिंसा की तत्काल समाप्ति का समर्थन करती है।”

अल जज़ीरा के अमेरिकी संवाददाता रोसीलैंड जॉर्डन ने प्रश्न उठाते हुए पूछा, “क्यों आप रूस के आक्रमण की निंदा नहीं करते?

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन और रक्षा सचिव लॉयड ऑस्टिन के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन के दौरान अल जज़ीरा पत्रकार के सवाल के जवाब में कहा, “सबसे पहले, आपके प्रश्न में सलाह और सुझावों के लिए धन्यवाद। मैं इसे अपने तरीके से कहना पसंद करता हूँ और इसे अपने तरीके से स्पष्ट करता हूँ। जिस तरह सचिव ब्लिंकन ने बताया है कि हमने कई बयान दिए हैं, जो संयुक्त राष्ट्र, हमारी संसद और विभिन्न अन्य मंचों में हमारी स्थिति को रेखांकित करते हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “हमारी तरफ से संक्षेप में कहा गया है कि हम संघर्ष के विरुद्ध हैं। हम वार्ता और कूटनीति के पक्ष में हैं। हम हिंसा को तत्काल समाप्त करने के पक्ष में हैं। हम इन उद्देश्यों के लिए किसी भी तरह से योगदान करने के लिए तैयार हैं।”

रूस से भारत के ऊर्जा आयात पर जॉर्डन के एक अन्य सवाल के जवाब में भारत के विदेश मंत्री ने कहा, “अगर आप भारत के रूस से तेल खरीदने की बात कर रहे हैं तो मैं आपको सुझाव दूँगा कि आपका ध्‍यान यूरोप की ओर होना चाहिए। हम अपनी ऊर्जा सुरक्षा के लिए कुछ ऊर्जा खरीदते हैं। अगर आँकड़ों पर गौर करें तो मुझे लगता है कि हमारी तेल खरीद जितनी एक माह में होती है, वही यूरोप उतना किसी दिन में दोपहर तक खरीद लेता है।”