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एस जयशंकर ने यूएन महासचिव से भेंट कर यूक्रेन संघर्ष सहित प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के साथ व्यापक चर्चा की और यूक्रेन संघर्ष के वैश्विक प्रभाव के साथ अफगानिस्तान और म्यांमार की स्थिति पर भी अपने-अपने विचार रखे।

जयशंकर बुधवार शाम वॉशिंगटन दौरे के बाद पहुँचे।

एस जयशंकर ने ट्विटर पर कहा, “एंटोनियो गुटेरेस के साथ व्यापक चर्चा हुई। यूक्रेन संकट से विश्व खासतौर पर खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा के असर पर विचारों का आदान-प्रदान हुआ। विकासशील देशों के लिए इसका असर गंभीर है।”

उन्होंने आगे कहा, “अफगानिस्तान और म्यांमार के संबंध में नवीनतम घटनाओं के बारे में बात हुई। महत्वपूर्ण समकालीन चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए भारत के साथ काम करने में उनकी रुचि की सराहना करते हैं।”

एस जयशंकर और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अपने अमेरिकी समकक्षों विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन और रक्षा सचिव लॉयड जे ऑस्टिन 3 के साथ 2+2 मंत्रिस्तरीय वार्ता के लिए वॉशिंगटन में थे।

सोमवार को भारत और अमेरिका ने तालिबान नेतृत्व से यूएनएससी के प्रस्ताव का पालन करने का आह्वान किया। इसमें मांग की गई कि अफगानिस्तान के क्षेत्र का उपयोग फिर कभी किसी देश को धमकी देने या हमला करने या आतंकवादी हमलों की योजना या वित्त पोषण के लिए नहीं किया जाना चाहिए।

सोमवार को चौथी भारत-अमेरिका 2+2 मंत्रिस्तरीय वार्ता के बाद जारी एक संयुक्त बयान में दोनों देशों के मंत्रियों ने तालिबान से महिलाओं, बच्चों और अल्पसंख्यक समूहों के सदस्यों सहित सभी अफगानों के मानवाधिकारों का सम्मान करने का आग्रह किया और यात्रा की स्वतंत्रता को बनाए रखने को कहा।

म्यांमार में हिंसा की समाप्ति, मनमाने ढँग से हिरासत में लिए गए सभी लोगों की रिहाई और लोकतंत्र व समावेशी शासन के रास्ते पर तेज़ी से लौटने का आह्वान करते हुए संयुक्त बयान में आसियान पाँच सूत्री सहमति के तत्काल कार्यान्वयन का भी आह्वान किया गया।