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जम्मू-कश्मीर में हिंदू कर्मचारियों ने अस्थायी स्थानांतरण ना करने पर दी पलायन की धमकी

जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में मंगलवार को आतंकवादियों ने एक हिंदू शिक्षिका की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद प्रधानमंत्री पैकेज के अंतर्गत केंद्र शासित प्रदेश में कार्यरत कश्मीरी पंडितों ने अगले 24 घंटों के भीतर सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित नहीं करने पर घाटी से बड़े पैमाने पर पलायन करने की धमकी दी है।

रजनी बाला (36) जम्मू के सांबा जिले की थी। वह कुलगाम के गोपालपोरा के एक सरकारी स्कूल में तैनात थीं।

इससे पूर्व, अधिकारियों ने कहा था कि वह एक प्रवासी कश्मीरी पंडित थीं। शिक्षिका की हत्या की घाटी में निंदा की जा रही है। जम्मू-कश्मीर भाजपा अध्यक्ष रविंदर रैना ने हमले के लिए पाकिस्तान को ज़िम्मेदार ठहराया है।

मई में कश्मीर में हुई सात लक्षित हत्याओं में से तीन पीड़ित पुलिसकर्मी थे और चार नागरिक थे।

उधर, शिक्षका की मौत से नाराज़ हिंदू समुदाय के सरकारी कर्मचारी विरोध करने के लिए विभिन्न स्थानों पर सड़कों पर उतर आए हैं।

एक प्रदर्शनकारी ने कहा, “हमने सुनिश्चित किया है कि यदि सरकार ने 24 घंटे के भीतर हमारी सुरक्षा के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो फिर से बड़े पैमाने पर पलायन होगा।”

उन्होंने कहा, “कश्मीरी पंडितों की लक्षित हत्याएँ जारी हैं और समुदाय अब सरकार से अपील करते-करते थक गया है। हम दो से तीन वर्ष के अस्थायी स्थानांतरण के लिए कह रहे हैं, जब तक घाटी में सामान्य स्थिति नहीं हो जाती है।”

अधिकारियों ने बताया कि कुछ कश्मीरी पंडित हत्या के विरोध में लाल चौक के घंटाघर पर एकत्रित हुए, जबकि एक अन्य समूह शहर के सोनावर क्षेत्र के बटवाड़ा में एकत्रित हुआ और केंद्र शासित प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी की।

उन्होंने बताया कि दक्षिण कश्मीर के काजीगुंड शहर में कश्मीरी पंडितों के कर्मचारियों ने जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग की एक सुरंग को जाम कर दिया।