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उत्तराखंड में भारी बारिश, बादल फटने व बाढ़ से अब तक 23 की मौत, राहत कार्य जारी

उत्तराखंड में भारी बारिश, बादल फटने और अचानक आई बाढ़ के कारण मंगलवार (19 अक्टूबर) तक 23 लोगों की मौत हो गई। हिंदुस्तान लाइव की रिपोर्ट के अनुसार, इसमें 16 मजदूर, पाँच स्थानीय नागरिक व दो बच्चे हैं। भीमताल में एक बच्चे और ओखलकांडा के गाँव थलाडी में पाँच लोगों के दबे होने की सूचना है।

आजतक की रिपोर्ट के अनुसार, नैनीताल जिले के रामगढ़ क्षेत्र में बादल फटने की सूचना है और कई मजदूरों के बह जाने की आशंका है। डीजीपी अशोक कुमार ने बताया कि रामनगर-रानीखेत मार्ग स्थित लेमन ट्री रिज़ॉर्ट में फँसे करीब 200 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है।

मौसम विभाग के मुताबिक, गत 24 घंटे में भारी बारिश हुई है। नैनीताल में 401 एमएम बारिश दर्ज की गई, जबकि पिथौरागढ़ में 212.1 एमएम, मुक्तेश्वर में 340.8 एमएम बारिश हुई है। उधर, उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र के लिए ऑरेंज चेतावनी जारी की गई है, जबकि गढ़वाल में मौसम साफ रहने की अपेक्षा है।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुश्कर सिंह धामी ने कहा, “भारी बारिश के कारण बनी स्थिति को देखते हुए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। मैं व्यक्तिगत रूप से जगह-जगह जाकर राहत व बचाव कार्यों को देख रहा हूँ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री को स्थिति से अवगत करवा दिया गया है।”

उधर, कई भूस्खलन की वजह से प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों को जोड़ने वाली सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं। इससे नैनीताल उत्तराखंड के शेष हिस्सों से कट गया है। गौला नदी के पानी से काठगोदाम रेलवे स्टेशन की पटरियों को क्षति पहुँची है, जिससे कई ट्रेनों का संचालन रोक दिया गया है।

हल्द्वानी में गौला पुल टूट गया। पुलिस ने सुरक्षा को देख दोनों तरफ से आवाजाही पर रोक लगा दी है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 24 घंटे में कम बारिश होगी।