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“खुले में नमाज़ की अनुमति किसी हाल में नहीं दी जाएगी”- विधानसभा में मुख्यमंत्री खट्टर

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन मंगलवार (21 दिसंबर) को स्पष्ट कर दिया कि मुस्लिम समुदाय के लोगों को खुले में नमाज़ अदा करने की स्वीकृति किसी भी हाल में नहीं दी जाएगी।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, शून्यकाल के दौरान नूंह से कांग्रेस विधायक आफताब अहमद ने खुले में नमाज़ के मुद्दे पर राज्य सरकार पर धर्म के नाम पर राजनीति करने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सभी धर्मों के लोगों को पूजा-पाठ, अरदास व नमाज़ करने की अनुमति है। ऐसे में सभी धर्मों की रक्षा करना मुख्यमंत्री की ज़िम्मेदारी है।

इस पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा, “हमने किसी को नहीं रोका है लेकिन खुले में शक्ति प्रदर्शन करना उचित नहीं है। पूजा-पाठ, अरदास व नमाज़ के लिए मंदिर-मस्जिद, गुरुद्वारे व धार्मिक जगह तय हैं। गुरुग्राम में खुले में नमाज़ को लेकर कुछ लोग विरोध कर रहे थे। हम आपसी सौहार्द बनाए रखना चाहते हैं।”

उन्होंने कहा, “इस संबंध में स्थानीय लोगों से वार्ता चल रही है। वहाँ पार्क या किसी भी सार्वजनिक स्थान को धार्मिक कार्यों के लिए चिह्नित किया जा सकता है।”

इस पर आफताब अहमद ने कहा कि वक्फ बोर्ड की भूमि पर अवैध कब्जे हैं। उन्हें मुक्त करवाया जाए तो वहाँ नमाज़ पढ़ी जा सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसकी जानकारी सरकार को दी जाए। उन जगहों को मुक्त करवाकर वहाँ नमाज़ पढ़ी जा सकती है लेकिन खुले में वह भी नहीं होगी।