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ईशनिंदा के झूठे आरोप में फँसाए गए हरीश बंगेरा दो वर्ष बाद सऊदी अरब जेल से मुक्त

ईशनिंदा सामग्री सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के झूठे आरोप के बाद सऊदी जेल में दो वर्ष बिताने वाले हरीश बंगेरा अंततः मुक्त हो गए। उन्होंने 17 अगस्त को सऊदी अरब के दम्मम से वापस बेंगलुरु के लिए उड़ान भरी।

उडुपी जिले के कुंडापुर के पास बीजाडी गाँव के हरीश बंगेरा 2014 से सऊदी अरब की एक कंपनी में एयर कंडीशनर टेक्नीशियन के तौर पर काम कर रहे थे।

उन्हें सऊदी अरब पुलिस ने मक्का और सऊदी क्राउन प्रिंस पर एक ईशनिंदा फेसबुक पोस्ट साझा करने के आरोप में दिसंबर 2019 में गिरफ्तार किया था। उन्हें नौकरी से भी निकाल दिया गया था।

दिसंबर 2019 के तीसरे सप्ताह में हरीश बंगेरा ने शुरुआत में मंगलुरु दंगों से संबंधित एक वीडियो साझा किया था। इसके उपरांत उन्होंने महसूस किया कि वीडियो अनुचित था और उसे अपने फेसबुक खाते से हटा दिया। उन्होंने अपने अनुचित पोस्ट के लिए माफी मांगते हुए एक वीडियो भी पोस्ट किया। साथ ही खाता भी बंद कर दिया था।

हालाँकि, कुछ घंटों बाद उनके नाम पर एक नया खाता खोला गया और भड़काऊ सामग्री पोस्ट की गई। हरीश के वास्तविक सोशल मीडिया खाते की प्रोफाइल पर उनके परिवार का चित्र था, जबकि नकली में सिर्फ उनका ही चित्र था।

बंगेरा की पत्नी सुमना की शिकायत पर जाँच के बाद अक्टूबर 2020 में उदुपी पुलिस ने मूडबिद्री के भाइयों अब्दुल हुयेज़ व अब्दुल थुएज़ को सोशल मीडिया पर बंगेरा का झूठा और प्रतिरूपित खाता बनाकर ईशनिंदा सामग्री पोस्ट करने के लिए गिरफ्तार किया।

भारतीय दूतावास मंगलुरु एसोसिएशन सऊदी अरब (एमएएसए), इंडियन ओवरसीज फोरम और कई अन्य संगठनों ने बंगेरा को मुक्त करवाने में सहायता की।