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प्रधानमंत्री ने गुजरात में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय का नया परिसर देश को समर्पित किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (12 मार्च) को गुजरात में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय का नया परिसर देश को समर्पित किया। उन्होंने विश्वविद्यालय का पहला दीक्षांत भाषण भी दिया। उन्होंने महात्मा गांधी और 12 मार्च 1930 को शुरू हुए दांडी मार्च में भाग लेने वालों को श्रद्धाँजलि दी।

इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री और सहकारिता मंत्री अमित शाह, गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत और मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “अंग्रेजों के अन्याय के विरुद्ध गांधी जी के नेतृत्व में आंदोलन ने ब्रिटिश सरकार को हम भारतीयों की सामूहिक शक्ति का एहसास कराया था।”

पीएमओ की विज्ञप्ति में कहा गया कि उन्होंने पुलिस और सुरक्षाकर्मियों की छवि बदलने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने महामारी के दौरान पुलिस कर्मियों द्वारा किए गए मानवीय कार्यों पर भी ध्यान दिया है।

प्रधानमंत्री ने कहा, “स्वतंत्रता के पश्चात देश के सुरक्षा तंत्र में सुधार की आवश्यकता थी। एक धारणा विकसित की गई थी कि हमें वर्दीधारी कर्मियों से सावधान रहना होगा। हालाँकि, अब यह धारणा बदल गई है। अब जब लोग वर्दीधारी कर्मियों को देखते हैं तो उन्हें सहायता का आश्वासन मिलता है।”

उन्होंने बलों में योग विशेषज्ञों सहित तनाव और विश्राम से निपटने के लिए विशेषज्ञों की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “देश के सुरक्षा तंत्र को सशक्त बनाने के लिए तनाव मुक्त प्रशिक्षण गतिविधियाँ समय की आवश्यकता हैं।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि गांधीनगर क्षेत्र में राष्ट्रीय कानून विश्वविद्यालय, रक्षा विश्वविद्यालय और फॉरेंसिक साइंस विश्वविद्यालय हैं। उन्होंने इन संबंधित क्षेत्रों में समग्र शिक्षा का निर्माण करने हेतु नियमित संयुक्त संगोष्ठियों के माध्यम से इन संस्थानों के मध्य तालमेल की आवश्यकता पर बल दिया।

बता दें कि राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (आरआरयू) की स्थापना पुलिस, आपराधिक न्याय और सुधारात्मक प्रशासन के विभिन्न अंगों में उच्च गुणवत्ता वाले प्रशिक्षित जनशक्ति की आवश्यकता को पूरा करने के लिए की गई थी।