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“वोडाफोन, केयर्न से वार्ता करेंगे और भुगतान की गई कर राशि वापस करेंगे”- सीतारमण

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार पूर्वव्यापी कर खंड को खत्म करने के लिए कानून बनने बनने के बाद केयर्न एनर्जी और वोडाफोन समूह जैसी कंपनियों से वार्ता करेगी।

उन्होंने उल्लेख किया कि सरकार इन कंपनियों द्वारा भुगतान किए गए कर की राशि को वापस कर देगी। ऐसे में सरकार केयर्न एनर्जी और वोडाफोन समूह को क्रमशः 7879.73 करोड़ रुपये और 44.74 करोड़ रुपये वापस करने के लिए तैयार है।

वरिष्ठ मंत्री ने कहा कि बदले गए प्रावधानों ने दिए गए अधिनियम के भीतर ही शर्तों को कठिन बना दिया है। इसके तहत उल्लेख किया गया कि सरकार केवल कर विवादों के तहत कंपनियों द्वारा भुगतान की गई राशि वापस कर देगी।

इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट में राज्यसभा में सीतारमण के बयान को उद्धृत किया गया, “इस कानून के लागू होने के बाद वादियों के साथ चर्चा होगी और एक बार यह पारित हो जाने के बाद हमें विश्वास है कि वे भी प्रावधानों को बहुत उपयोगी पाएँगे। संभवत: इस पर विचार करेंगे कि हम क्या लाए हैं।”

उन्होंने दावा कि इन कर कानूनों में संशोधन व्यवसायों को अधिक स्पष्टता प्रदान करने और नीति के मोर्चे पर और अधिक स्थिरता लाने के लिए लागू किया जा रहा है। पूर्वव्यापी कानून को पहले नहीं हटाया जा सकता था क्योंकि पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने केयर्न और वोडाफोन के विरुद्ध सरकार के मामलों के लिए इस तरह का कदम उठाने से पूर्व अपने तार्किक निष्कर्ष पर पहुँचने के लिए इसे उपयुक्त समझा था।