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टी-90 टैंकों को उन्नत बनाने हेतु बीईएल संग हुआ ₹1,075 करोड़ के अनुबंध पर हस्ताक्षर

रक्षा क्षेत्र में भारत सरकार की मेक इन इंडिया पहल को और बढ़ावा देते हुए रक्षा मंत्रालय की अधिग्रहण शाखा ने भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) के साथ युद्धक टैंक टी-90 के कमांडर साइट के रेट्रो-संशोधन के लिए 1,075 करोड़ रुपये के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए।

एक आधिकारिक विज्ञप्ति में गुरुवार (24 फरवरी) को जानकारी दी गई कि भारतीय सेना के 957 टी-90 टैंकों में रेट्रो-संशोधन किया जाएगा।

भारत के प्रमुख युद्धक टैंक टी-90 में कमांडर साइट के साथ कई खूबियाँ हैं। इसमें रात में देखने के लिए छवि परिवर्तक (आईसी) ट्यूब लगे हुए हैं।

रक्षा मंत्रालय ने एक विज्ञप्ति में कहा कि भारतीय सेना द्वारा अनुमानित आवश्यकता के आधार पर डीआरडीओ और बीईएल ने संयुक्त रूप से इसे डिजाइन और विकसित किया है। वर्तमान आईसी के बदले इसमें एक उन्नत मिड वेव थर्मल इमेज (एमडब्ल्यूआईआर) लगाए जाएँगे।

नई रेट्रो-संशोधित कमांडर साइट में एक थर्मल इमेजर लगाया गया, जो दिन व रात के दौरान 8 किमी के लक्ष्यों का पता लगाने में सक्षम है। वहीं, रात में लेज़र रेंजर फाइंडर (एलआरएफ) 5 किलोमीटर तक की दूरी को सटीक रूप से खोजने के लिए है। इसकी क्षमता को बढ़ाने की पहल की जा रही है, जिससे यह लंबी दूरी तक लक्ष्य का पता लगा सके।

बैलिस्टिक सॉफ्टवेयर और एलआरएफ से सुधार के साथ टी-90 के कमांडर अभूतपूर्व सटीकता के साथ लक्ष्यों का पता लगा सकते हैं, उन्हें संलग्न कर सकते हैं और उन्हें बेअसर कर सकते हैं।

स्वदेशी रूप से विकसित साइट ने क्षेत्र की परिस्थितियों में व्यापक मूल्यांकन सफलतापूर्वक पूरा किया।

मंत्रालय ने कहा कि थर्मल इमेजर आधारित कमांडर साइट के सफल स्वदेशी विकास से स्वदेशी अनुसंधान एवं विकास और रक्षा निर्माण को और बढ़ावा मिलेगा।