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केंद्र सरकार की नौ एक्सप्रेसवे पर 6,000 ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की योजना

केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री डॉ महेंद्र नाथ पांडे ने कहा कि चूँकि, इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के उपयोग में चार्जिंग प्राथमिक चिंता है, इस वजह से केंद्र सरकार ने नौ एक्सप्रेसवे चुने हैं, जहाँ 6,000 चार्जिंग स्टेशन स्वीकृत किए गए हैं और लगभग 3,000 शीघ्र स्थापित किए जाएँगे।”

डॉ महेंद्र नाथ पांडे ने ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एआरएआई) से इलेक्ट्रिक वाहनों के चार्जिंग समय को कम करने के लिए प्रौद्योगिकी विकसित करने को कहा है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा, “ऑटो क्षेत्र जीडीपी में लगभग 14-15 प्रतिशत योगदान देता है, जो 25-30 प्रतिशत तक जा सकता है और भारत को 50 खरब अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण का समर्थन कर सकता है। केंद्र सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली विभिन्न योजनाओं और सब्सिडी की वजह से गत कुछ महीनों में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में भारी वृद्धि हुई है।”

उन्होंने आगे कहा कि उन्नत रासायनिक सेल (एसीसी), जो ईवी बैटरी का मुख्य घटक है, वर्तमान में आयात किया जाता है। वैसे भी, ईवी के मूल्य में लगभग 30 प्रतिशत बैटरी का मूल्य ही है।

उन्होंने कहा कि यदि स्थानीय स्तर पर इसका उत्पादन किया जाए तो मूल्य कम किया जा सकता है। यह संभव है क्योंकि लिथियम आयन बैटरी के निर्माण में उपयोग होने वाली लगभग 70 प्रतिशत सामग्री भारत में पहले से ही उपलब्ध हैं।

केंद्रीय मंत्री ने कहा, “इन नई शुरू की गई पीएलआई योजनाओं के साथ सरकार ईवीएस के इस क्षेत्र में प्रति गीगावॉट 362 करोड़ रुपये तक की सहायता प्रदान कर रही है।”