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डीसीजीआई की विषय विशेषज्ञ समिति ने की एकल खुराक स्पुतनिक लाइट की सिफारिश

भारतीय औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) की विशेष विशेषज्ञ समिति (एसईसी) ने शुक्रवार को एक खुराक वाली कोविड-19 वैक्सीन स्पुतनिक लाइट (रूस में विकसित) के लिए सिफारिश की है।

सूत्रों के अनुसार, 31 जनवरी को एसईसी की बैठक के दौरान की गई सिफारिशों में डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज़ ने आपातकालीन स्थिति में प्रतिबंधित उपयोग और बूस्टर-खुराक टीकाकरण हेतु स्पुतनिक लाइट को आयात करने की अनुमति देने के लिए अपना प्रस्ताव प्रस्तुत किया था। साथ ही ओमिक्रॉन के विरुद्ध इसके लाभ को देखते हुए इसका नवीनतम सुरक्षा और प्रभावकारिता डाटा विश्लेषण भी प्रस्तुत किया था।

कंपनी ने कहा कि स्पुतनिक लाइट वैक्सीन अर्जेंटीना, रूस आदि सहित 29 देशों में स्वीकृत है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की कोविड-19 पर एसईसी ने डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज़ के आवेदन पर विचार किया।

रूस से प्रभावकारिता परीक्षण के अंतरिम डाटा ने टीकाकरण के 21 दिन बाद कोविड-19 के विरुद्ध 65.4 प्रतिशत की प्रभावकारिता दिखाई। सूत्र ने कहा, “विस्तृत विचार-विमर्श के बाद एसईसी ने विभिन्न नियामक प्रावधानों के अधीन आपातकालीन स्थिति में प्रतिबंधित उपयोग के लिए अनुमति देने की सिफारिश की।”

सिफारिशों को अंतिम स्वीकृति के लिए डीसीजीआई को भेज दिया गया है। सूत्र ने कहा, “बूस्टर डोज के रूप में स्पुतनिक लाइट वैक्सीन के उपयोग के संबंध में आवेदक आगे के मूल्यांकन के लिए भारतीय आबादी में इम्युनोजेनेसिटी डाटा सहित नैदानिक आँकड़े प्रदान कर सकता है।”

बता दें कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि शुक्रवार शाम 7 बजे तक देश भर में कोविड वैक्सीन की करीब 42 लाख खुराक दी गईं। अब तक टीकाकरण का कुल आँकड़ा 169 करोड़ हो गया है।