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केंद्र सभी कोविड प्रोटोकॉल देख विद्यालयों को पुनः खोलने के मॉडल पर विचार कर रहा

केंद्र सरकार सभी कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करते हुए शारीरिक कक्षाओं के लिए विद्यालयों को खोलने के लिए एक मॉडल पर काम कर रही है।

ओमिक्रॉन के आने के बाद देश के अधिकांश हिस्सों में विद्यालयों को बंद कर दिया गया था। कोविड-19 के कारण विद्यार्थी लगभग दो वर्षों से, बीच की कुछ संक्षिप्त अवधि को छोड़ दें तो अधिकतर ऑनलाइन कक्षाओं में भाग ले पा रहे हैं।

एक उच्च पदस्थ सूत्र ने कहा, “जैसा कि अभिभावक विद्यालयों को खोलने की मांग कर रहे हैं। इसको देखते हुए केंद्र सरकार सभी कोविड प्रोटोकॉल का पालन कर विद्यालयों को खोलने के लिए एक मॉडल पर काम कर रही है।”

महामारी और सार्वजनिक नीति विशेषज्ञ चंद्रकांत लहरिया और सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च की अध्यक्षा यामिनी अय्यर के नेतृत्व में अभिभावकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया से भेंट की थी।

प्रतिनिधिमंडल ने 1,600 से अधिक अभिभावकों द्वारा हस्ताक्षरित एक ज्ञापन उप-मुख्यमंत्री सिसोदिया को सौंपा था। इसमें विद्यालयों को पुनः खोलने की मांग की गई थी। कुछ अन्य राज्यों में भी इसी तरह की मांग की गई है। हालाँकि, अभिभावकों का एक अन्य वर्ग ऑनलाइन कक्षाओं को जारी रखने के पक्ष में है।

दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में विद्यालयों को पुनः खोलने की सिफारिश की थी लेकिन इस पर निर्णय गुरुवार को दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की अगली बैठक तक के लिए टाल दिया गया।

मनीष सिसोदियो ने कहा, “सरकार ने विद्यालयों को बंद कर दिया था, जब यह बच्चों के लिए सुरक्षित नहीं था लेकिन अत्यधिक सावधानी अब विद्यार्थियों को नुकसान पहुँचा रही है।

बता दें कि कुछ समय के लिए पुनः विद्यालय खोले जाने के बाद दिल्ली में गत वर्ष 28 दिसंबर को ओमिक्रॉन की तीसरी लहर के मद्देनजर पुनः इन्हें बंद कर दिया गया था।