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केंद्र ने कृषि उत्पादों के परिवहन को बढ़ावा देने हेतु आरंभ की कृषि उड़ान-2 योजना

नागर विमानन मंत्रालय ने बुधवार को कृषि उड़ान-2 योजना आरंभ की। इसके अंतर्गत किसानों को कृषि उत्पादों के परिवहन में सहायता हेतु पूर्वोत्तर, पहाड़ी और जनजातीय क्षेत्रों में स्थित हवाई अड्डों पर कार्गो से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण किया जाएगा।

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कृषि उड़ान-2 योजना का आरंभ करते हुए कहा, “इसका उद्देश्य एयरलाइन की लॉजिस्टिक सहायता से भारतीय कृषि की विशाल क्षमता का उपयोग कर किसानों की आय दोगुना करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।”

कृषि उड़ान-2 योजना के तहत कृषि सामान का भाग कुल भार में 50 प्रतिशत कम होने पर भी चुनिंदा हवाई अड्डों पर हवाई अड्डा शुल्कों में पूर्ण रूप से छूट देने की बात कही है।

योजना के तहत हवाई अड्डों पर चरणबद्ध तरीके से कार्गो टर्मिनल बनाए जाएँगे। 2021-22 में अगरतला, लीलाबारी, लखनऊ, सिलचर, तेजपुर, तिरुपति, श्रीनगर, डिब्रूगढ़, दीमापुर, हुबली, इंफाल, जोरहाट और तूतीकोरिन सम्मिलित होंगे। 2022-23 में अहमदाबाद, भावनगर, झारसुगुडा, कोझीकोड, मैसूर, पुदुचेरी, राजकोट और विजयवाड़ा में हवाई अड्डों पर कार्गो टर्मिनल स्थापित किए जाएँगे।

इसके अतिरिक्त, योजना के तहत सरकार राज्यों को विमानन ईंधन पर बिक्री कर कम कर एक प्रतिशत करने के लिए प्रोत्साहित करेगी।

बता दें कि केंद्र सरकार ने सितंबर 2020 में कृषि उड़ान योजना आरंभ की थी। इसके अंतर्गत यदि शुल्क वाले कुल भार में कृषि सामान का भाग 50 प्रतिशत से अधिक है तो हवाई कार्गो परिचालकों के लिए चुनिंदा भारतीय हवाई अड्डों पर पार्किंग शुल्क व टर्मिनल नेविगेशन लैंडिंग शुल्क आदि में छूट दी जाती है।