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प्रौद्योगिकी व्यावसायीकरण हेतु अपशिष्ट क्षेत्र में स्वदेशी कंपनियों से प्रस्ताव आमंत्रित

सरकार ने प्रौद्योगिकी व्यावसायीकरण के लिए अपशिष्ट क्षेत्र में नवीन स्वदेशी प्रौद्योगिकियाँ रखने वाली भारतीय कंपनियों से प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने शुक्रवार (6 मई) को एक विज्ञप्ति में कहा कि केंद्र सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) की एक वैधानिक निकाय प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (टीडीबी) ने नगरपालिका ठोस अपशिष्ट, प्लास्टिक अपशिष्ट, निर्माण एवं विध्वंस (सीएंडडी) अपशिष्ट, कृषि अपशिष्ट, जैव चिकित्सा अपशिष्ट, ई अपशिष्ट, औद्योगिक खतरनाक और गैर-खतरनाक अपशिष्ट, बैटरी अपशिष्ट, रेडियोधर्मी अपशिष्ट, एआई आधारित समाधान, राष्ट्रीय आवश्यकता को संरेखित करना और स्वच्छता पर ध्यान केंद्रित करने वाले क्षेत्रों में नवीन स्वदेशी प्रौद्योगिकियों वाली कंपनियों से आवेदन आमंत्रित किए हैं।

प्रस्ताव जमा करने की अंतिम तिथि 3 जुलाई है।

टीडीबी प्रौद्योगिकी व्यावसायीकरण के लिए भारतीय कंपनियों का चयन करने हेतु वित्तीय सहायता प्रदान करेगा।

मंत्रालय ने कहा कि चयन वैज्ञानिक मूल्यांकन, तकनीकी, वित्तीय व वाणिज्यिक योग्यता पर आधारित होगा और वित्तीय सहायता ऋण, इक्विटी या अनुदान के रूप में प्रदान किया जाएगा।

मंत्रालय के अनुसार, टीडीबी ‘धन की बर्बादी’ के शीर्षक वाले प्रस्तावों के लिए आमंत्रण या आह्वान देश के बड़े शहरों को कचरा मुक्त रखने के साथ ही कचरे से धन उत्पन्न करने की चुनौती के जवाब में है।

मंत्रालय ने कहा, “इस आह्वान के साथ टीडीबी जो आम नागरिक के जीवन की सुगमता में सुधार लाने के उद्देश्य से नवीन स्वदेशी प्रौद्योगिकियों की सहायता करने में अग्रणी है, यह स्वच्छ भारत अभियान- शहरी 2.0 के तहत हमारे सभी शहरों को कचरा मुक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी के दृष्टिकोण को साकार करने के उद्देश्य से इस चुनौती को दूर करने हेतु उद्योग एवं अकादमिक सहयोग करने को आ गया है।”