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सूरत एवं उधना स्टेशनों के पुनर्विकास के लिए रेलवे ने पात्रता अनुरोध आमंत्रित किया

भारतीय रेलवे स्टेशन विकास निगम (आईआरएसडीसी) ने रविवार (25 जुलाई) को सूरत एवं उधना स्टेशनों के लिए पात्रता अनुरोध (आरएफक्यू) आमंत्रित किया।

यह कदम सरकार की चल रही खोज का एक भाग है। इसमें रेलवे स्टेशन के इंफ्रास्ट्रक्चर के पुनर्विकास, यात्रियों को आधुनिक सुविधाएँ एवं आराम प्रदान करने के लिए इसे पूरी तरह से परिवर्तित करने और पूर्णतः जाँच कर मरम्मत करना शामिल है।

इन दोनों स्टेशनों पुनर्विकास रेलोपोलिस में परिवर्तित करने के उद्देश्य से है, जो मिश्रित उपयोगों के विकास के साथ मिनी स्मार्ट शहरों के रूप में कायम रहेगा, ताकि वहाँ कोई भी रहने, काम करने, खेलने और यात्रा करने में सक्षम हो सके।

इस विकास के लिए कुल क्षेत्रफल में सूरत के लिए 3,40,131 वर्ग मीटर और उधना रेलवे स्टेशन के लिए 7,38,088 वर्ग मीटर है। इस बीच, स्टेशन एस्टेट विकास के लिए निर्मित क्षेत्र (बीयूए) क्रमशः दो स्टेशनों के लिए करीब 4,65,000 वर्ग मीटर और 37,175 वर्ग मीटर है।

पुनर्विकास को 1,285 करोड़ रुपये के निवेश के साथ चार वर्ष की समय सीमा में पूरा करने का संकेत दिया गया है।

आईआरएसडीसी के एमडी और सीईओ एसके लोहिया ने कहा, “सूरत एक जीवंत वाणिज्यिक और औद्योगिक केंद्र है और दुनिया के सबसे तेज़ी से उभरते शहरों में से एक है। सूरत और उधना रेलवे स्टेशन पुनर्विकास परियोजना का उद्देश्य स्थानीय अर्थव्यवस्था को और सशक्त बनाना एवं शहर की पर्यटन क्षमता को बढ़ावा देना है। सूरत रेलवे स्टेशन की एक मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब (एमएमटीएच) के रूप में पुनर्विकास करने की परिकल्पना की गई है। इससे यात्रियों को परेशानी मुक्त और आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा।”