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केंद्र ने छह व आठ लेने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों पर ध्यान केंद्रित किया, निर्माण किया तेज़

चार, छह और आठ लेन वाले राष्ट्रीय राजमार्गों (एनएच) की वार्षिक निर्माण गति 2015 में 1,289 किलोमीटर से बढ़कर 2021-22 में 3,693 किलोमीटर हो गई है।

द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, छह और आठ लेन के राजमार्गों के विकास में गत दो वर्षों में विशेष रूप से तेज़ी देखी गई है।

2019 में छह और आठ लेन वाले राजमार्गों के रूप में लगभग 616 किलोमीटर एनएच खंड बनाए गए थे। 2021-22 में यह संख्या बढ़कर 1,165 किलोमीटर हो गई है।

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के तहत आने वाली एजेंसियाँ ​​अब आर्थिक गलियारों और एक्सप्रेसवे के निर्माण पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रही हैं। ये देखते हुए गति और बढ़ाने को तैयार हैं।

इसके अतिरिक्त, राजमार्ग मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, “दी गई श्रेणियों में राजमार्गों का विकास 2026-27 तक एक नए रिकॉर्ड स्तर तक पहुँच जाएगा, जब 5,600 किलोमीटर की संयुक्त लंबाई के साथ 22 एक्सप्रेसवे और आर्थिक गलियारा परियोजनाओं में से अधिकांश को पूरा कर लिया जाएगा।”

टीओआई को घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले एक अन्य अधिकारी ने बताया कि केंद्र सरकार कम यातायात वाले क्षेत्रों में भी राष्ट्रीय राजमार्गों को संयोजकता प्रदान करने पर समान रूप से ध्यान दे रही है।

उन्होंने कहा, “हम सिंगल लेन हाईवे को भी दो लेन तक चौड़ा कर रहे हैं और वर्तमान हिस्सों को भी मजबूत कर रहे हैं। कई क्षेत्रों में दो लेन के राजमार्ग भी स्थानीय आवश्यकता को पूरा करते हैं और आर्थिक गतिविधियों में तेजी लाते हैं।”

इसके अतिरिक्त, 8500 किलोमीटर के केंद्र के आगामी भारतमाला-द्वितीय कार्यक्रम में भी अधिकतर कम से कम चार लेन के ग्रीनफील्ड गलियारे होंगे। सरकार 3.5 लाख करोड़ रुपये की इस पहल को शीघ्र औपचारिक रूप से स्वीकृति देने की दिशा में काम कर रही है।